scorecardresearch
 

'घोटालों में डूबी थी AAP सरकार... विज्ञापनों पर उड़ाए करोड़ों', विधानसभा में CAG रिपोर्ट पर चर्चा में बोलीं सीएम रेखा गुप्ता

विधानसभा में कैग रिपोर्ट पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की पिछली AAP सरकार पर जमकार निशाना साधा. उन्होंने पिछली सरकार पर बिजली सब्सिडी घोटाले, टेंडर अनियमितताओं और वित्तीय नुकसान को लेकर गंभीर आरोप लगाए.

Advertisement
X
विधानसभा में बोलतीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (PTI)
विधानसभा में बोलतीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (PTI)

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को CAG रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली की पिछली AAP सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन-शासन, विकास और योजनाओं व प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन को प्रभावित करने वाली 'दीमक' को खत्म करने के लिए 'कीटनाशक' (यानी अपनी सरकार के सुधारों) का इस्तेमाल कर रहा है.

अपनी 18 महीने पुरानी सरकार द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों का जिक्र करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली कैबिनेट जल्द ही ई-कैबिनेट के तौर पर काम करेगी, जिसके लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया है.

दिल्ली की पिछली सरकार के वित्त और कामकाज पर CAG की दो रिपोर्टों पर विधानसभा में बहस के दौरान सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार 'घोटालों' में डूबी हुई थी. उन्होंने कहा कि सरकार का नेतृत्व एक ऐसे मुख्यमंत्री (अरविंद केजरीवाल) कर रहे थे, जिनकी विभागों पर कोई निगरानी नहीं थी, फिर भी वो फाइलों पर बिना साइन किए सभी फैसले लेते थे.

बिजली सब्सिडी के नाम पर घोटाला

मुख्यमंत्री ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पिछली सरकार के दौरान बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के रेगुलेटरी एसेट्स 30,000 करोड़ रुपये तक बढ़ गए हैं. उन्होंने कहा कि 2019 में जो एसेट्स 9,000 करोड़ रुपये थे, वे 2021 में 27,000 करोड़ रुपये और अब 38,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गए हैं.

गुप्ता ने बिजली सब्सिडी में भी घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि शून्य बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को भी करोड़ों का भुगतान किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय बोझ का असर दिल्ली की जनता पर नहीं पड़ने दिया जाएगा और सरकार इसके खिलाफ अदालत में लड़ाई लड़ रही है.

19 रिपोर्ट्स के जरिए खोली पोल

रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 19 महीनों में पूर्व AAP सरकार से संबंधित 19 कैग रिपोर्टों को विधानसभा के पटल पर रखवाया है. इन रिपोर्टों से उजागर हुआ है कि केंद्र सरकार से मिलने वाली ग्रांट लैप्स हो गई, बिना बजट आवंटन के योजनाओं की घोषणाएं की गईं, टेंडरों में अनियमितताएं हुईं और जीएसटी (GST) रिफंड रोके गए. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बुनियादी ढांचे में सुधार करने के बजाय केवल विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए.

Advertisement

GST रिफंड में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने कैग के आंकड़ों का ब्योरा देते हुए बताया कि पिछली सरकार ने 32 योजनाओं का श्रेय लिया, लेकिन उनके लिए कोई फंड आवंटित नहीं किया. वहीं 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की 34 योजनाएं ऐसी थीं, जिन्हें वित्तीय मंजूरी तो मिली, लेकिन वो कभी लागू नहीं हुईं.

उन्होंने बताया कि 2024-25 में आप सरकार के समय जीएसटी रिफंड केवल 695 करोड़ रुपये था, जिसे उनकी सरकार ने 2025-26 में बढ़ाकर 1,313 करोड़ रुपये किया और मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक 550 करोड़ रुपये का रिफंड दिया जा चुका है.

उन्होंने कहा, 'मुझे हैरानी होती है कि वो कितने बेशर्म हैं जो उन योजनाओं के लिए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट मांग रहे हैं, जिन्हें कभी जमा ही नहीं किया गया. जिन 'दीमकों' ने ये समस्याएं पैदा कीं, वह उन्हीं के वक्त की थीं और हमारी सरकार उन्हें खत्म करने के लिए 'कीटनाशक' का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने दिल्ली को बर्बाद किया और यहां के नागरिकों को लूटा.'

लापरवाह अधिकारियों पर जारी है एक्शन

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, उन्हें गलत व्यवहार के लिए सस्पेंड किया है और सैकड़ों अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें ऐसे डॉक्टर भी शामिल हैं जो कई सालों से आरामदायक पदों पर बने हुए थे.

उन्होंने ये भी बताया कि टेंडरों में आर्बिट्रेशन क्लॉज की वजह होने वाले भारी वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए उनकी सरकार ने इस प्रावधान को पूरी तरह से खत्म कर दिया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement