दिल्ली में ऑटो-टैक्सी चालकों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार यानी आज जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है. भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ केंद्र और दिल्ली सरकार के खिलाफ अपनी मांगें उठाएगा. संघ ने दिल्ली के सभी ऑटो और टैक्सी चालकों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है.
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग दिल्ली सरकार की तरफ से तत्काल 'ऑटो-टैक्सी ड्राइवर्स वेलफेयर बोर्ड' का गठन करना है. इसके अलावा बढ़ी हुई वाहन फिटनेस फीस को वापस लेने की मांग भी की जा रही है. केंद्र के परिवहन मंत्रालय ने नवंबर 2025 में 20 साल से ज्यादा पुराने वाहनों की फिटनेस जांच की फीस बढ़ाई थी.
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काम के घंटे तय करने और अधिकारियों की जवाबदेही की मांग
संघ का कहना है कि ऑटो-टैक्सी चालकों के काम करने का समय भी तय किया जाना चाहिए. इसके साथ ही दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई जाएगी. संघ का आरोप है कि चालकों से जुड़े कई मामलों में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है.
निजी नंबर वाली बाइक टैक्सियों पर रोक की मांग
प्रदर्शन में निजी नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी. संघ का कहना है कि निजी नंबर प्लेट वाले वाहनों से बाइक टैक्सी सर्विस चलाए जाने से ऑटो-टैक्सी चालकों के सामने रोजगार से जुड़ी चुनौती बढ़ रही है.
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संघ सोमवार को जंतर-मंतर से सरकार के सामने अपनी मांगें रखेगा. दिल्ली परिवहन विभाग की तरफ से ऑटो रिक्शा की फिटनेस जांच के लिए अलग शुल्क व्यवस्था भी मौजूद है.