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CJP Jantar Mantar Protest: सड़क पर लोहे की शीट्स और ठोंकी गईं कीलें, दिल्ली पुलिस की जंतर-मंतर पर अभेद्य किलाबंदी

जंतर मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने संसद मार्ग और आसपास के इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है. सड़क पर लोहे की शीट्स को कील और पेंच से फिक्स किया गया है और बैरिकेड्स को चेन से आपस में बांधा गया है ताकि इन्हें हिलाया या गिराया न जा सके. इलाके में छह से सात लेयर में बैरिकेडिंग की गई है और संसद मार्ग की तरफ लगातार भीड़ बढ़ रही है.

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 जंतर-मंतर पर सुरक्षा कर दी गई है (Photo: PTI)
जंतर-मंतर पर सुरक्षा कर दी गई है (Photo: PTI)

देश की राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है और इसके ठीक सामने पुलिस ने बेहद सख्त सुरक्षा व्यवस्था कर दी है. पुलिस ने सड़क पर लोहे की मोटी शीट्स को कील और पेंच से फिक्स कर दिया है ताकि बैरिकेड न तो हिलाए जा सकें और न ही गिराए जा सकें. 

इसके अलावा बैरिकेड्स को लोहे की चेन से आपस में बांध दिया गया है. जॉइंट सीपी विजय सिंह भी अपनी टीम के साथ संसद मार्ग पर निगरानी करते नजर आए. उन्होंने कहा कि हालात अभी सामान्य हैं और बैरिकेड को नए तरीके से फिक्स करने पर उनका कहना था कि जो भी सही लग रहा है वो कॉम्पिटेंट अथॉरिटी कर रही है.

जयसिंह मार्ग पर के सामने ही जंतर मंतर का प्रोटेस्ट साइट है और बीच में संसद मार्ग पड़ता है. पूरे इलाके को पुलिस ने चारों तरफ से बैरिकेडिंग करके घेर रखा है. हर तरफ कम से कम छह से सात लेयर में बैरिकेडिंग की गई है. सामने लोगों की भीड़ भी दिखाई दे रही है और संसद मार्ग यानी सीपी की तरफ से लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है.

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पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को करीब से देखने पर पता चलता है कि बैरिकेडिंग तीन अलग अलग लेयर में लगाई गई है. इन सभी बैरिकेड्स को आपस में चेन और रस्सियों से बांधा गया है ताकि इन्हें हटाने की कोशिश की जाए तो भी एक भी बैरिकेड अलग न हो सके. 

बैरिकेड के नीचे लोहे की शीट लगाई गई है और इन्हीं शीट्स से बैरिकेड को जोड़ा गया है. ये शीट्स लोहे के एंगल और बड़ी कीलों की मदद से सीधे सड़क में फिक्स की गई हैं और इन्हें बीच सड़क पर मजबूती से गाड़ दिया गया है.

पुलिस का मकसद साफ है कि अगर हालात बिगड़ें और प्रदर्शनकारी आगे बढ़कर बैरिकेड हटाने की कोशिश करें तो बैरिकेड अपनी जगह से टस से मस न हो. यह इंतजाम सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि पूरी सड़क और आगे की पूरी लाइन में किया गया है. 

कुछ जगहों पर बड़ी कीलें ठोकते समय मुड़ भी गई हैं लेकिन फिर भी उन्हें सड़क के साथ पूरी मजबूती से फिक्स कर दिया गया है ताकि प्रदर्शनकारी उन्हें पीछे खिसका न सकें.

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