कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को ऐलान किया कि वह 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान के लिए एक विशेष वेबसाइट लॉन्च करेगी. सीजेपी नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रही है. कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि प्रदर्शनकारी इस वेबसाइट पर फोटो और वीडियो अपलोड कर सकेंगे, जिनके आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्रों के साथ मारपीट की और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने कहा, 'हम पहले भी कह चुके हैं कि जिन अधिकारियों ने छात्रों पर हमला किया, उन्हें घायल किया और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे. हम चुप नहीं बैठेंगे.'
फोटो-वीडियो अपलोड करने की अपील
सौरव दास ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि उनके पास यदि पुलिस कार्रवाई से जुड़े कोई फोटो या वीडियो हैं तो उन्हें प्रस्तावित वेबसाइट पर अपलोड करें. उन्होंने कहा कि सीजेपी की टीम इन सबूतों की जांच करेगी और संबंधित पुलिस अधिकारियों की पहचान करेगी. सौरव दास ने कहा कि संगठन चाहता है कि पहचाने गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो. यदि दिल्ली पुलिस ऐसा नहीं करती है तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि देशभर के वकील इस मामले में उनकी मदद कर रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने भी छात्रों और प्रदर्शनकारियों से 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई से जुड़े फोटो, वीडियो और अन्य सबूत साझा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि इनकी जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी और कानूनी कार्रवाई में मदद की जाएगी.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से करीब दो घंटे तक बातचीत की. बैठक में सीजेपी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई समझौता नहीं होगा. सीजेपी ने यह भी मांग की कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों से 20 जुलाई की कार्रवाई के लिए सार्वजनिक माफी मांगे और 3 मई की नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए.
सीजेपी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च निकाला था. दिल्ली पुलिस ने संसद की सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार करते हुए कहा कि बल प्रयोग केवल तब किया गया जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की.