उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन को लेकर एलॉन मस्क पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा आंदोलन मस्क के इशारे पर चलाया जा रहा है और इसके पीछे भारत के खिलाफ बड़ी साजिश है.
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "यह पूरा आंदोलन उनके (एलॉन मस्क) इशारे पर चलाया जा रहा है. यह हमारे देश के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है. हमारे देश की तुलना बांग्लादेश और पाकिस्तान से की जा रही है, और पहली बार यहां सुप्रीम कोर्ट को डराने के इरादे से एक मार्च आयोजित किया गया है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. ये विदेशी लोग, जो हमारे देश में व्यापार तो करना चाहते हैं, लेकिन सिर्फ अपनी शर्तों पर, वही इस आंदोलन को हवा दे रहे हैं."
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स्टारलिंक को लेकर एलॉन मस्क और भारत में विवाद
एलॉन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को भारत में व्यावसायिक मंजूरी मिलने में देरी को लेकर विवाद रहा है. मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ बड़े कारोबारी हितों के कारण उनकी सेवा को भारत में आगे बढ़ने से रोका जा रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत के टेलीकॉम बाजार में कंपटीशन और स्टारलिंक को मंजूरी मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाए थे.
मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को भी निशाने पर लिया था. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा था कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं. मस्क ने यह भी कहा था कि स्टारलिंक को भारत में काम करने की अनुमति मिलने से दूरदराज के इलाकों में लोगों को तेज इंटरनेट मिल सकता है और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में मदद मिल सकती है.
भारत सरकार और रिलायंस का क्या कहना है?
मस्क के आरोपों पर भारत सरकार ने पक्षपात के दावों को खारिज किया था. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और दूरसंचार मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि स्टारलिंक को राष्ट्रीय सुरक्षा और स्पेक्ट्रम से जुड़ी जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के क्षेत्र में स्टारलिंक के अलावा जियो और भारती समर्थित वनवेब भी मौजूद हैं.
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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी कहा था कि उसे प्रतिस्पर्धा से डर नहीं है और वह स्टारलिंक का स्वागत करती है. हालांकि, कंपनी ने जोर दिया था कि विदेशी कंपनियों को भारत के कानूनों का पालन करना होगा. कंपनी के मुताबिक, उसकी अपनी सैटेलाइट सेवा भी नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया से गुजर रही है.