भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत से पहले भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी को हरियाणा पुलिस ने सोमवार को हिरासत में ले लिया. उनकी हिरासत के बाद हरियाणा के कई इलाकों में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बीकेयू (चढ़ूनी) के प्रवक्ता प्रिंस वराइच ने बताया कि गुरनाम सिंह चढ़ूनी दिल्ली में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे. इसी दौरान कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा के पास नेशनल हाईवे-152D पर पुलिस ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें हिरासत में ले लिया. बाद में पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई.
पिहोवा सदर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने चढ़ूनी को हिरासत में लेने की पुष्टि की, लेकिन इसके पीछे की वजह बताने से इनकार कर दिया. प्रिंस वराइच ने दावा किया कि बीकेयू के प्रवक्ता राकेश बैंस को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है और दोनों नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है. वराइच ने बताया कि 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले मंगलवार को दिल्ली में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी. इस दौरान किसान घाट पर पूरे दिन विरोध प्रदर्शन भी होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस बड़ी संख्या में बीकेयू कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उन्हें दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है.
चढ़ूनी की हिरासत का कई जगह विरोध
गुरनाम सिंह चढ़ूनी की हिरासत की खबर फैलते ही किसानों ने कुरुक्षेत्र के थाना गांव के पास हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टोल प्लाजा पर धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर चटाई बिछाकर बैठ गए. स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया. वहीं, अंबाला के शंभू टोल प्लाजा पर भी बीकेयू (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. बाद में पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में लिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका.
यह भी पढ़ें: सड़कों पर प्रदर्शनकारी, संसद में बैठकों का दौर... मॉनसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में दिखा हाई-वोल्टेज ड्रामा
भारत-US प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध
किसान संगठनों ने 21 जुलाई को दिल्ली में देशभर के किसानों की महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है. इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल सहित कई राज्यों के किसान प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. इससे पहले 15 जुलाई को बीकेयू ने जिला स्तर पर मोटरसाइकिल रैलियां निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपे थे और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया था. प्रिंस वराइच का आरोप है कि प्रस्तावित व्यापार समझौते से भारतीय कृषि पर गंभीर असर पड़ेगा और किसानों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी.
गुरनाम सिंह चढ़ूनी पहले भी कह चुके हैं कि यदि यह समझौता लागू होता है तो अमेरिका के कृषि उत्पाद बिना पर्याप्त संरक्षण शुल्क (टैरिफ) के भारतीय बाजार में आ सकेंगे, जिससे घरेलू किसानों को भारी नुकसान होगा. उन्होंने कहा था कि इसी मुद्दे पर देशभर के कई किसान संगठनों ने एकजुट होकर 'भारत बचाओ मोर्चा' का गठन किया है. वहीं, किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित रैली में शामिल होंगे.
यह भी पढ़ें: हिंसा, पथराव और तोड़फोड़... CJP प्रोटेस्ट में दिल्ली पुलिस दर्ज करेगी FIR, कई हिरासत में
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता सिर्फ कृषि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेयरी, उद्योग, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, सरकारी खरीद, बौद्धिक संपदा अधिकार और सेवा क्षेत्र को भी प्रभावित कर सकता है. किसान संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को तत्काल रद्द किया जाए और किसानों तथा आम लोगों के हितों की रक्षा की जाए.