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अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट से पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेसी हिरासत में, माता-पिता को पुलिस ने छोड़ा

अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. इस दौरान कई विपक्षी नेता भी उनके समर्थन में पहुंचे थे.फिलहाल पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को छोड़ दिया है लेकिन कई कांग्रेस प्रदर्शनकारी अभी पुलिस हिरासत में हैं.

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अंकिता के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने उठाया (Photo-ANI)
अंकिता के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने उठाया (Photo-ANI)

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर जारी प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा समेत कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. हालांकि पुलिस ने बाद में अंकिता के माता-पिता को छोड़ दिया. प्रदर्शनकारी रातभर से न्याय की मांग को लेकर जुटे हुए थे. 

कांग्रेस नेता और मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि अंकिता के माता-पिता राष्ट्रपति भवन के सामने शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने परिवार का हौसला बढ़ाया, लेकिन देर रात पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाने लगी.

काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि जिस पुलिस को कथित वीआईपी एंगल की जांच करनी चाहिए, वह अंकिता के माता-पिता को हिरासत में ले रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को जारी रखेगी. उन्होंने दुष्यंत गौतम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा.

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कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बेटी के लिए न्याय की गुहार लगा रहे परिवार को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि मामले में कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच की मांग अब भी कायम है. अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए निष्पक्ष जांच और कथित वीआईपी एंगल की पड़ताल की मांग कर रहे हैं. 

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पुलिस द्वारा उठाए जाने पर अंकिता भंडारी की मां ने कहा, "हम यह साफ़ करना चाहते हैं कि जब तक उनकी (दुष्यंत गौतम) नियुक्ति रद्द नहीं हो जाती, हम अपनी बात पर अड़े रहेंगे... अगर हमें यहां बैठने की इजाज़त नहीं मिली, तो हम अपने घरों में ही भूख हड़ताल पर बैठेंगे..." वहीं अंकिता के पिता ने कहा, 'हम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हैं कि सिक्किम के गवर्नर के तौर पर दुष्यंत कुमार की नियुक्ति रद्द की जानी चाहिए. अगर इसे रद्द नहीं किया गया, तो पूरे देश के लोग सड़कों पर उतरेंगे और इसके लिए सरकार ज़िम्मेदार होगी.'

राहुल और प्रियंका गांधी ने की थी मुलाकात
इससे पहले बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया था और पार्टी के पूर्ण समर्थन का ऐलान किया था. अंकिता के माता-पिता की मांग है कि जब तक उनकी बेटी के मामले में कथित 'VIP' एंगल की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था, "चार साल बीत जाने के बाद भी अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला, बल्कि एक कथित आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद से नवाजा गया है. आज अंकिता के माता-पिता न्याय की गुहार लेकर घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं."

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क्या है पूरा मामला?
ऋषिकेश के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी और उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ था. इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक और पूर्व बीजेपी नेता के बेटे पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है. हालांकि, परिवार और विपक्षी दल लगातार मामले में कथित 'VIP' संलिप्तता की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. इस ताजा कार्रवाई के बाद एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है.

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