राजधानी दिल्ली में बिल्डिंग गिरने से हुई मौतों की खबर मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गोवा में अपना कार्यक्रम बीच में ही रुकवा दिया. अमित शाह गोवा में बीजेपी के नए प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें दिल्ली में हुए हादसे और इसमें लोगों की मौत की जानकारी मिली. इसके बाद गृह मंत्री ने हादसे पर दुख जताया और कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला करते हुए वहां से निकल गए.
अमित शाह ने दिल्ली में हुई घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की. इसके बाद बीजेपी कार्यालय के उद्घाटन से जुड़ा कार्यक्रम रोक दिया गया. शाह रविवार को गोवा के दौरे पर थे, जहां बीजेपी कार्यालय के कार्यक्रम के अलावा उन्होंने नारकोटिक्स नियंत्रण को लेकर भी सरकार की रणनीति सामने रखी.
इससे पहले पणजी में नारकोटिक्स नियंत्रण पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 2029 तक 'नशामुक्त भारत' बनाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक का तीन साल का रोडमैप तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह देश से नक्सलवाद को खत्म किया गया, उसी तरह ड्रग्स की समस्या को भी समाप्त किया जाएगा.
चार स्तंभों पर नशामुक्त भारत का रोडमैप
गृह मंत्री ने बताया कि तीन साल का रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है. इनमें इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन आधारित एन्फोर्समेंट, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन और क्षमता निर्माण एवं समन्वय शामिल हैं.
शाह ने कहा कि सरकार 'डेथ ट्रायंगल' और 'डेथ क्रिसेंट' के रास्ते देश में होने वाली ड्रग्स तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कदम उठा रही है. ड्रग्स नेटवर्क की जांच में 'Bottom-to-Top' और 'Top-to-Bottom' अप्रोच अपनाई गई है. इसके साथ वित्तीय जांच और PIT-NDPS पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
शाह ने बताए ड्रग्स जब्ती के आंकड़े
अमित शाह ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच करीब 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त किए गए थे, जिनकी कीमत लगभग 40 हजार करोड़ रुपये थी. इसके मुकाबले 2014 से 2026 के बीच एक करोड़ 19 लाख किलोग्राम से ज्यादा ड्रग्स जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 1 लाख 89 हजार करोड़ रुपये है.
उन्होंने बताया कि 'नशामुक्त भारत' अभियान के तहत अब तक 25 करोड़ नागरिकों से संपर्क कर उन्हें नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई है. उपचार और पुनर्वास के जरिए 5 लाख 70 हजार लोगों को नशामुक्त किया गया है. सामाजिक न्याय मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रशासन मिलकर नशामुक्ति केंद्रों की संख्या तीन गुना बढ़ाकर 1,751 करने की दिशा में काम कर रहे हैं.
शाह ने कहा कि एनसीसी, एनएसएस और 'माई भारत' के माध्यम से लाखों 'नशामुक्ति मित्र' तैयार किए जाएंगे. उन्होंने जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पांच दशक पुरानी नक्सलवाद की समस्या अब बीते दौर की बात बन चुकी है. इसी तरह सरकार ने 2029 तक ड्रग्स की समस्या को खत्म कर 'नशामुक्त भारत' बनाने का संकल्प लिया है.