कर्नाटक में एक कार्यक्रम के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने SIR को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अलग-अलग राज्यों और शहरों में SIR को लेकर अलग रुख अपनाती है. ओवैसी ने कहा कि हैदराबाद में SIR को लेकर कांग्रेस का रुख कुछ है, बेंगलुरु में कुछ और है और दिल्ली में बिल्कुल अलग रुख है.
ओवैसी ने कांग्रेस नेताओं के बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के मंत्री सतीश जारकीहोली ने SIR को अच्छा बताया, जबकि कांग्रेस के दूसरे मंत्री प्रियांक खड़गे इसके ठीक उलट बात कर रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस पूरे देश में SIR की आलोचना कर रही है. वह दिल्ली, हैदराबाद, सभी जगहों पर इसकी आलोचना कर रही है, लेकिन इन जगहों पर उनका रुख अलग-अलग है. ओवैसी ने कहा, 'हैदराबाद में आपका एक रुख अलग है, बेंगलुरु में आपका अलग रुख है और दिल्ली में आपका कुछ और ही रुख है.'
इसके साथ ही, ओवैसी ने कर्नाटक में मुसलमानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बकदल में साक्षरता दर 65% है, जबकि पूरे कर्नाटक में यह 75% है. उन्होंने सवाल किया कि क्या इसके लिए भी उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
ओवैसी ने सिद्धारमैया सरकार के कार्यकाल के दौरान कराई गई सामाजिक, शैक्षिक और जाति जनगणना की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में आवीजिका मामले में मुसलमान 32वें स्थान पर हैं. यह सबसे निचला स्तर है. उनके मुताबिक, इस श्रेणी में 27% मुसलमान आते हैं. उन्होंने कहा कि आजीविका के मामले में मुसलमान सबसे ज्यादा पिछड़े हुए हैं.
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उन्होंने कर्नाटक के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़ों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बकदल में प्रति व्यक्ति आय 1.75 लाख रुपये है, जबकि पूरे कर्नाटक में यह 3.75 लाख रुपये है. उन्होंने सवाल किया कि इस अंतर के लिए कौन जिम्मेदार है? इसके अलावा उन्होंने बताया कि बीदर जिले का गरीबी सूचकांक 11.25 है, जबकि पूरे कर्नाटक का सूचकांक 7.58 है.