नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार के गुट के साथ विलय की ओर बढ़ रही है, या अजित पवार की पार्टी के सीनियर नेता पार्टी की लीडरशिप को लेकर सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार पर दबाव बना रहे हैं. कई राजनीतिक घटनाक्रमों, जिनमें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल के बीच हुई मुलाकात भी शामिल है, इन घटनाओं ने इन सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है.
5 नवंबर को हुई मुलाकात के दौरान, शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल से कहा कि वे 10 नवंबर के बाद साथ बैठ सकते हैं. पटेल ने जवाब दिया कि उस तारीख के बाद वे मुंबई में होंगे और जब भी पवार तय करेंगे, वे तैयार रहेंगे.
हालांकि पटेल का कहना था कि यह मुलाकात केवल पवार की सेहत का हाल जानने के लिए थी, लेकिन इस बातचीत ने दोनों नेताओं के बीच संभावित राजनीतिक चर्चा को लेकर नई अटकलों को जन्म दिया है.
विलय के सवाल ने NCP के भीतर अलग-अलग राय को भी उजागर किया है. राज्य पार्टी अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि अभी विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर अजित पवार जीवित होते, तो दोनों गुट एक साथ आ जाते. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर अजित पवार मौजूद होते, तो विलय के लिए चर्चा में चल रही 12 फरवरी की तारीख को फाइनल किया जा सकता था.
NCP (SP) नेता रोहित पवार ने दावा किया कि विलय तय था और अजित पवार चाहते थे कि पवार परिवार एकजुट रहे. उन्होंने तटकरे के बदलते बयानों पर सवाल उठाए और कहा कि अजित पवार की मौत के दस दिन से भी कम समय बाद, तटकरे ने विलय पर किसी भी चर्चा से इनकार किया था. रोहित पवार ने संकेत दिया कि इन बदलते बयानों के पीछे कोई राजनीतिक रणनीति हो सकती है.
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी तटकरे के रुख पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि दोनों गुटों को एक साथ लाने पर चर्चा के लिए बैठकें हुई थीं, जिनमें बारामती में अजित पवार की मौजूदगी में हुई बैठक और जयंत पाटिल के घर पर हुई बैठक शामिल है.
देशमुख ने कहा कि तटकरे ने शुरू में इन चर्चाओं से इनकार किया था और पूछा कि क्या वे किसी दबाव में हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग शरद पवार की पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, उनका स्वागत है.
इस बीच, अजित पवार की NCP के भीतर असंतोष की खबरों ने इन घटनाक्रमों में एक नया पहलू जोड़ दिया है. खबरों के अनुसार, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, दिलीप वालसे पाटिल और धनंजय मुंडे सहित छह सीनियर नेताओं ने 2 नवंबर को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थे. हालांकि, NCP ने किसी भी अंदरूनी कलह से इनकार किया और बैठक को पहले से तय बताया है.