प्रफुल्ल पटेल
प्रफुल्ल मनोहरभाई पटेल (Praful Manoharbhai Patel) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं. उनके पिता, मनोहरभाई पटेल (Manoharbhai Patel, Politician), राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे. उन्होंने महाराष्ट्र में गोंदिया भंडारा जिलों का प्रतिनिधित्व किया था. उनका परिवार CEEJAY समूह चलाता है, जो भारत में एक बड़ा तंबाकू समूह है (Large Tobacco Conglomerate).
वह 2009 से 2022 तक अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के भारतीय संघ फुटबॉल शासी निकाय के अध्यक्ष थे (President of AIFF). वह 2015 में बहरीन में आयोजित एएफसी कांग्रेस में एसएएफएफ क्षेत्र के एशियाई फुटबॉल परिसंघ के उपाध्यक्ष बने (Praful Patel, Vice President SAFF). दिसंबर 2016 में उन्हें एशियाई फुटबॉल परिसंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था (Praful Patel, Senior Vice President of AFC). 2017 में, वह चार साल की अवधि के लिए फीफा वित्त समिति के सदस्य भी बने.
पटेल ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीतिक करियर चुना. 1985 में, वह नगर परिषद, गोंदिया, (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष बने और 1991 में 10वीं लोकसभा के लिए चुने गए. 1996 और 1998 में वे 11वीं लोकसभा और 12वीं लोकसभा के लिए फिर से चुने गए (Praful Patel, MP). उन्हें 2004 में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में नियुक्त किया गया था. वह भारी उद्योग मंत्री के रूप में भी कार्यरत रहें (Praful Patel Political Career).
अगस्त 2022 में फीफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप पर अपनी नियमों का उल्लंघन करने के लिए फेडेरेशन को निलंबित कर दिया (AIFF Third-Party Interference). अक्टूबर 2022 के लिए निर्धारित 2022 फीफा अंडर -17 महिला विश्व कप सहित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंटों के लिए भारत से उसके मेजबानी अधिकार छीन लिए गए थे (AIFF, Drop the Hosting Rights). पटेल पर फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ की ओर से भारत पर प्रतिबंध लगाने की धमकी देने वाले पत्र को लेकर आरोप लगे हैं (Praful Patel, Controversy, FIFA and AFC).
प्रफुल्ल पटेल का जन्म 17 फरवरी 1957 को मुंबई (Mumbai) में हुआ था (Praful Patel Age). उन्होंने मुंबई के कैंपियन स्कूल और फिर सिडेनहैम कॉलेज में पढ़ाई की. उन्होंने बॉम्बे विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक की उपाधि प्राप्त की (Praful Patel Education). प्रफुल्ल पटेल जब 13 वर्ष के थे उनके पिता, मनोहरभाई पटेल का निधन हो गया (Praful Patel Father).
उन्होने एक गुजराती व्यवसायी की बेटी वर्षा पटेल से शादी की है (Praful Patel Wife). उनको तीन बेटी और एक बेटा है (Praful Patel Children).
महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के संभावित विलय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. अजित पवार के निधन के बाद बदले घटनाक्रम में सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बन जाने से समीकरण बदले हैं. शरद पवार और पार्थ पवार की मुलाकात में पैच-अप की कोशिश हुई है, लेकिन अभी कुछ भी निश्चित नहीं है.
प्रफुल्ल पटेल ने खुद के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने कहा कि एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति के बारे में मीडिया रिपोर्टें पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद थीं.
एनसीपी के अगले अध्यक्ष को लेकर जारी असमंजस के बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणी ने सियासी बहस तेज कर दी है. उन्होंने कहा कि मराठी मिट्टी से जुड़ी पार्टी का नेतृत्व किसी 'मराठी' के हाथ में होना चाहिए, किसी पटेल के हाथ में नहीं.
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के जाने से एनसीपी में शोक के साथ-साथ राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. अब पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि उनकी जगह कमान किसे सौंपी जाए और उपमुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान बुधवार को बारामती में क्रैश हो गया था. उनका प्लेन लैंडिंग स्ट्रिप के बगल वाले इलाके में गिर गया था. लैंडिंग करते वक्त ही विमान का कंट्रोल गड़बड़ हो गया था.
महाराष्ट्र की राजनीति के बेताज बादशाह कहे जाने वाले अजित पवार उर्फ दादा का अचानक निधन हो जाने से पूरी राजनीति ही बदल गई है. अब सबके मन में सवाल है कि अजित पवार की एनसीपी की कमान कौन संभालेगा?
मुंबई मंथन मंच पर प्रफुल पटेल ने महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति और चुनावों की जटिलताओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने एनसीपी, एसपी और बीजेपी के बीच बदलते राजनीतिक गठबंधनों, सीट एडजस्टमेंट के मुद्दों, और नवाब मलिक सहित अन्य नेताओं पर लगे आरोपों को समझाया. पटेल ने कहा कि नवीन राजनीतिक समीकरण और स्थानीय स्थितियाँ चुनावी परिणामों को प्रभावित करती हैं.
मंत्रियों के इस्तीफों और विभाग बदले जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि ये किसी दबाव में नहीं हुआ. पार्टी ने पब्लिक सेंसिटिविटी को देखते हुए फैसले लिए. उन्होंने कहा कि NCP ये नहीं मानती कि इस्तीफा कमजोरी की निशानी है, बल्कि कई बार छवि बचाने के लिए त्याग जरूरी होता है.
मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. अदालत ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले. इस फैसले ने एक बार फिर 'हिंदू आतंकवाद' को लेकर बहस छेड़ दी है. UPA सरकार में मंत्री रहे प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि "आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता है."
एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने वक्फ संशोधन बिल 2025 पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में कहा कि , "पहली बार हमारे संजय भैया का भाषण... संजय भैया का भाषण... नहीं तो बिल्कुल टक टक टक टक बोलते थे, लेकिन आज उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या बोलूं क्या नहीं बोलूं..." प्रफुल्ल पटेल के बयान पर सदन में खूब ठहाके लगे.
महाराष्ट्र में अगर बीजेपी के अच्छे दिन लौट आये हैं, तो देवेंद्र फडणवीस के सबसे अच्छे दिन चल रहे हैं. विधानसभा चुनाव में पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाने के बाद देवेंद्र फडणवीस अपने राजनीतिक विरोधियों के भी 'देवाभाऊ' बन गये हैं.
अजित पवार की राजनीति जिस मोड़ तक बढ़ चुकी है, लौटने की कौन कहे पीछे मुड़ कर देखने की भी जरूरत नहीं लगती. और, अगर चाचा शरद पवार को फिर से कोई बड़ा झटका देते हैं तो पूरी विरासत के मालिक बन सकते हैं.
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि 1999 में एनसीपी और कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था और फिर दोनों पार्टियां एक साथ आ गईं लेकिन अब हम एक महागठबंधन में हैं. काल्पनिक सवाल और काल्पनिक जवाब देने के बजाय हम एक महागठबंधन में लड़ने जा रहे हैं.
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल का नंबर और फोटो इस्तेमाल कर वॉट्सऐप पर कतर के शाही परिवार को ठगने की कोशिश करने वाले कारोबारी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. आरोपी ने कतर के शाही परिवार को मैसेज कर पैसे मांगे थे और बताया था कि उसकी मां को कैंसर है और इलाज के लिए पैसों की जरूरत है.
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कुछ ऐसा कह दिया कि एनसीपी (अजित पवार) के सांसद प्रफुल्ल पटेल भड़क गए. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि संजय भैया, आप कांग्रेस और हमको बदनाम करके यहां पर बैठे हो.
अजित पवार की एनसीपी में पद और कद के लिए जोर आजमाइश हो रही है. प्रफुल्ल पटेल सीनियरिटी का हवाला देकर केंद्र में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद ठुकरा चुके हैं, तो सुनील तटकरे भी बतौर इकलौते लोकसभा सांसद अपने लिए मंत्रीपद चाहते हैं. वहीं अब पार्टी ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है तो इस निर्णय से एनसीपी के ओबीसी चेहरे छगन भुजबल नाराज नजर आ रहे हैं.
मोदी सरकार 3.0 में मंत्री पद को लेकर मतभेद के कयास लगाए जा रहे हैं. दरअसल, एनसीपी के खाते में एक मंत्री पद गया. प्रफुल्ल पटेल को राज्य मंत्री का ऑफर दिया गया जिसे उन्होंने ये कहते हुए ठुकरा दिया कि वो केंद्रीय मंत्री पहले रह चुके हैं और अब राज्य मंत्री का पद उनके लिए डिमोशन की तरह है.
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण से पहले एनसीपी अजित गुट में घमासान शुरू हो गया है. ये मतभेद पार्टी के दो सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के बीच कैबिनेट मंत्री के पद को लेकर छिड़ा है. दोनों ही कैबिनेट मंत्री पद की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. दरअसल, एनसीपी के खाते में एक मंत्री पद गया है, जिसे लेकर दोनों में से कोई भी अपनी दावेदारी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है.
NDA गठबंधन और NCP अजित पवार गुट के बीच मतभेद की खबरें आ रही थीं. इनपर प्रफुल्ल पटेल ने विराम लगाया है. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है. साथ ही प्रफुल्ल पटेल ने ये भी बताया कि उनकी पार्टी से अभी कोई मंत्री क्यों नहीं बना है.
मंत्री पद को लेकर NDA गठबंधन में मतभेद की खबरों के बीच NCP अजित गुट के अध्यक्ष अजित पवार सामने आए. अजित पवार ने कहा कि राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का पद ऑफर किया गया था. उसे मना कर दिया है. हालांकि, शपथ ग्रहण में हम जा रहे हैं. इस वीडियो में देखिए अजित पवार ने क्या कहा?
बारामती की विरासत सुप्रिया सुले संभाल चुकी थीं, लेकिन अजित पवार ने एनसीपी पर काबिज होने के बाद शरद पवार को नये सिरे से चैलेंज किया है, मैदान में पत्नी सुनेत्रा पवार को उतार कर. और ये शरद पवार के दबदबे को खुली चुनौती है.