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गुजरात: दुष्कर्म केस में धर्मांतरण का एंगल, बीमारी ठीक करने का झांसा देकर इस्लाम कबूल कराने का आरोप

गुजरात के जूनागढ़ में युवती से कथित दुष्कर्म के मामले में धर्मांतरण का एंगल सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, बीमारी और परेशानियां दूर करने का लालच देकर इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. घर से बुर्का, धार्मिक साहित्य और नमाज की सामग्री मिली है. पुलिस ने धर्मांतरण कानून की धाराएं जोड़कर पांच सदस्यीय SIT बनाई है.

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युवती को धर्म बदलने के लिए किया प्रेरित.(Photo: Bhargavi K Joshi/ITG)
युवती को धर्म बदलने के लिए किया प्रेरित.(Photo: Bhargavi K Joshi/ITG)

गुजरात के जूनागढ़ में हिंदू युवती के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में अब धर्मांतरण का एंगल सामने आया है. पुलिस जांच में दावा किया गया है कि युवती को बीमारी और जीवन की परेशानियां दूर होने का लालच देकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी हैं. वहीं, जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है.

दरअसल, जूनागढ़ के संघेड़िया बाजार स्थित मोनिशा पीर दरगाह के मुजावर और उसके बेटे के खिलाफ 28 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. दोनों पर दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे. मामले की जांच के दौरान पीड़िता का अदालत में बयान दर्ज कराया गया, जिसमें धर्म परिवर्तन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई.

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पुलिस के मुताबिक, दरगाह के मुजावर जावेद शेख ने कथित तौर पर युवती की बीमारी और उसकी पारिवारिक परिस्थितियों का फायदा उठाया. आरोप है कि उसे बताया गया कि इस्लाम धर्म स्वीकार करने से उसकी बीमारी और जीवन की परेशानियां दूर हो जाएंगी. इसी लालच के जरिए उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया.

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घर से धार्मिक साहित्य, बुर्का और नमाज की सामग्री बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता के घर की तलाशी ली. इस दौरान वहां से धार्मिक साहित्य, हरे रंग के झंडे, दरगाह की तस्वीरें, बुर्का, नमाज की किताब और नमाज पढ़ने की चटाई समेत कई सामान जब्त किए गए.

पुलिस की जांच में युवती को मीरां दातार, जांबुर, ऊना और अजमेर स्थित दरगाहों पर ले जाने की बात भी सामने आई है. इन यात्राओं से जुड़े फोटो और वीडियो भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए हैं.

पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान और तलाशी के दौरान मिले सामान सहित अन्य तथ्यों के आधार पर धर्मांतरण से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. इन साक्ष्यों के आधार पर मामले में गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2003 की धारा 4(1) और संशोधित धारा 4(2) भी जोड़ दी गई हैं.

गुजरात धर्म स्वतंत्रता कानून की धाराएं जोड़ी गईं

मामले में पुलिस की ओर से पेश रिपोर्ट को अदालत ने भी स्वीकार कर लिया है. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए धर्मांतरण से जुड़े आरोपों को भी विवेचना में शामिल किया गया है.

केस की गंभीरता को देखते हुए जूनागढ़ के पुलिस अधीक्षक सुबोध ओडेदरा ने जांच की जिम्मेदारी डीवाईएसपी हितेश धांधल्या को सौंपी है. मामले के सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करने और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए पांच सदस्यीय SIT का गठन किया गया है.

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फिलहाल, विशेष जांच टीम पीड़िता के बयान, बरामद धार्मिक सामग्री, दरगाहों की यात्राओं से जुड़े फोटो-वीडियो और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है.

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