मुंबई मेट्रो लाइन 7A के निर्माण में हुई एक डिजाइन की गलती अब मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी MMRDA के लिए बड़ा आर्थिक झटका बन सकती है. इस गलती की वजह से करीब 250 से 260 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है. मामला विले पार्ले ईस्ट में एयरपोर्ट कॉलोनी स्टेशन के पास बने एलिवेटेड वायाडक्ट और ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन यानी OHE सिस्टम की ऊंचाई से जुड़ा है.
यह पूरा हिस्सा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अहम एयर फनल जोन में आता है. MMRDA के मुताबिक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी AAI ने प्रोजेक्ट के लिए NOC दी थी, लेकिन प्रोजेक्ट के जनरल कंसल्टेंट और डिजाइन कंसोर्टियम SYSTRA-CEG-SMCIPL ने OHE सिस्टम की अतिरिक्त ऊंचाई को डिजाइन और प्लानिंग के दौरान पर्याप्त तरीके से ध्यान में नहीं रखा.
इसके चलते तैयार किया गया इंफ्रास्ट्रक्चर विमानन अधिकारियों की तय सुरक्षा सीमा से करीब 2.5 मीटर ज्यादा ऊंचा हो गया है. खास बात यह है कि इस गलती का पता 2025 में तब चला, जब निर्माण काफी आगे बढ़ चुका था. 2026 की शुरुआत तक एलिवेटेड वायाडक्ट लगभग पूरा हो चुका है, जबकि एयरपोर्ट कॉलोनी स्टेशन और उसका एलिवेटेड रैंप भी लगभग तैयार है.
मुंबई मेट्रो ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से छूट की मांग की
इस हिस्से का निर्माण 2025 से ही रुका हुआ है. MMRDA ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से ऊंचाई में छूट देने का अनुरोध किया है और फिलहाल अथॉरिटी की अंतिम तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
अगर AAI सुरक्षा मानकों में छूट नहीं देता है तो MMRDA को करीब 1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वायाडक्ट को तोड़कर दोबारा बनाना पड़ सकता है. सिर्फ ट्रैक या वायाडक्ट को नीचे करना भी आसान नहीं होगा, क्योंकि इससे मेट्रो के सुरक्षित संचालन के लिए जरूरी ग्रेडिएंट प्रभावित हो सकता है.
मुंबई मेट्रो की डिजाइन और प्लानिंग के दौरान हुई गलती
MMRDA ने डिजाइन कंसल्टेंट को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि विमानन से जुड़े ऊंचाई प्रतिबंधों को डिजाइन और प्लानिंग के दौरान पर्याप्त तरीके से शामिल नहीं किया गया.
MMRDA के मेट्रो प्रोजेक्ट्स डायरेक्टर बसवराज एमबी ने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
3.4 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन 7A अंधेरी ईस्ट को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली अहम लाइन है. इसे यात्रियों को अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन 3 से जोड़ना है. यह परियोजना पहले 2021 में शुरू होने वाली थी, लेकिन कई बार इसकी डेडलाइन टल चुकी है.