महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर अभियान चलाकर राज्य खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे चर्चा में बने हुए हैं. हाल ही में उन्होंने बताया कि उनके लिए व्यक्तिगत पॉपुलैरिटी मायने नहीं रखता, बल्कि जनता का स्वास्थ्य सबसे ज्यादा जरूरी है.
राज्यभर में खाद्य सुरक्षा के खिलाफ जारी बड़ी कार्रवाई के बाद तुकाराम मुंढे सेलिब्रिटी बन गए हैं. इस सवाल पर कि क्या उनकी पॉपुलैरिटी उनके काम में ध्यान भटकाती है? इस पर मुंढे ने कहा, 'ये कोई ध्यान भटकाने वाली बात नहीं है. पॉपुलैरिटी कभी भी मेरा लक्ष्य नहीं रही. मेरे लिए पब्लिक हेल्थ जैसे मुद्दे सबसे ज्यादा मायने रखते हैं.'
उन्होंने आगे कहा कि ये सब तुकाराम मुंढे के बारे में नहीं है, बल्कि ये भारत और जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लक्ष्य के बारे में है.
तुकाराम मुंढे ने अपने ऊपर राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा, 'मैं पिछले दो दशकों की अपनी सेवा में यही करता आ रहा हूं. अगर हमारे मानव संसाधन स्वस्थ नहीं होंगे, तो हम महाशक्ति नहीं बन सकते. नागरिकों को जनस्वास्थ्य को सबसे अहम मुद्दा बनाना होगा.'
मई से अब तक 12 हजार से ज्यादा संस्थानों पर कार्रवाई
तुकाराम मुंढे ने मई 2026 में एफडीए आयुक्त का पद संभाला था. उन्होंने बताया कि तब से अब तक उन्होंने 12,083 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं. इनमें से 5,269 संस्थानों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 603 के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं.
स्विगी, जोमैटो और इलायची विज्ञापन पर रुख साफ
मुंढे ने इस दौरान स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर भी खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, 'कानून के मुताबिक वो फूड बिजनेस ऑपरेटर हैं, लेकिन वो खुद को ऐसा नहीं मानते. उनके पास गोदाम हैं और हमने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की है.'
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बैन पान मसाले के सरोगेट विज्ञापन (इलायची एड) के मामले में बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भेजे गए नोटिस पर उन्होंने बताया कि अब तक तीन में से दो एक्टर्स के जवाब मिल चुके हैं. दिए गए 30 दिनों के समय में अभी कुछ दिन बाकी हैं.