जोमैटो
जोमैटो (Zomato) एक भारतीय फूड डिलीवरी वेबसाइट है, जिसे 2008 में शुरू किया गया था (Zomato Founded). इसके संस्थापक दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा हैं (Zomato Founders). साथ ही भारतीय बहुराष्ट्रीय रेस्तरां एग्रीगेटर और डिलीवरी कंपनी है (Zomato Food Delivery Company). जोमैटो चुनिंदा शहरों में पार्टनर रेस्तरां के जानकारी, मेनू और रेस्तरां की यूजर्स रिव्यू के साथ-साथ फूड डिलीवरी के ओप्शन्स प्रदान करता है (Zomato Services). 2019 तक, जोमैटो 24 देशों और 10,000 से अधिक शहरों में अपनी सेवा 24 घंटे दे रहा है (Zomato World Wide).
शुरुआत में Zomato को FoodieBay के के साथ शुरू किया गया था. लेकिन 2010 में कंपनी का नाम बदलकर जोमैटो कर दिया. जोमैटे वेबसाइट पर फूड डिलीवरी के अलावा और भी कई तरह की जानकारियां उपलब्ध कराता है जिसे आपके नजदीक के रेस्तरां की लिस्ट, फूड और रेस्तरां की रेटिंग (Zomato Food Delivery website).
ऑनलाइन फूड डिलीवरी के बढ़ते क्रेज के बीच जोमैटो को काफी फायदा हुआ और 2011 तक यह पूरे भारत में फैल गया. इसके सर्विसेज दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद तक उपलब्ध कराया गया. इतना ही नहीं 2012 में, इसने संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, कतर, यूनाइटेड किंगडम, फिलीपींस, और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिचालन का विस्तार किया. 2013 में, तुर्की, पुर्तगाली, इन्डोनेशियाई और अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध वेबसाइट और ऐप्स के साथ, न्यूजीलैंड, तुर्की, ब्राजील और इंडोनेशिया में विस्तार किया गया. अप्रैल 2014 में, इसे पुर्तगाल में लॉन्च किया गया, जिसके बाद 2015 में कनाडा, लेबनान और आयरलैंड में लॉन्च किया गया (Zomato Launched Worldwide).
दीपिंदर गोयल ने बताया कि इटरनल के Group CEO का पद छोड़ने का फैसला उनका निजी है. वो कुछ नया करना चाहते हैं, जहां प्लानिंग रिस्क भी है. इसलिए नई भूमिका के साथ एक सूचीबद्ध कंपनी के ग्रुप CEO पद पर बने रहना सही नहीं है.
जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने 18 साल लंबे सफर के बाद ग्रुप सीईओ पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है. 18 साल के लंबे सफर के इस बड़े फैसले के साथ उनकी निजी जिंदगी और शानदार लाइफस्टाइल भी सुर्खियों में आ गई है.
जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दिया है और कंपनी के अंदर इटर्नल ग्रुप में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. अब कंपनी की कमान अलबिंदर ढींढसा संभालेंगे. यह बदलाव जोमैटो के नेतृत्व और संचालन में एक नए दौर की शुरुआत करते हैं, जिससे कंपनी की रणनीति और विकास की दिशा प्रभावित होगी. इसके तहत जोमैटो बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो रही है.
दीपिंदर गोयल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब एटर्नल ग्रुप अपने विस्तार और रणनीतिक पुनर्गठन के दौर से गुजर रहा है. उनके इस्तीफे के बाद कंपनी की कमान अलबिंदर ढींडसा को सौंपी गई है.
Stock Market Crash: मंगलवार को शेयर बाजार में मचे कोहराम के बीच रिलायंस, बजाज फाइनेंस, इटरनल समेत कई बड़ी कंपनियों के शेयर धड़ाम नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कई शेयर ऐसे रहे, जो 10% से लेकर करीब 15% तक फिसल गए.
ब्लिंकिट ने 10 मिनट डिलीवरी की सर्विस बंद करने का ऐलान किया है और उम्मीद है कि बाकी क्विक कॉमर्स कंपनियां भी यह सर्विस बंद कर देंगी. सरकार के हस्तक्षेप के बाद गिग वर्कर्स की सिक्योरिटी के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है.
सरकार ने क्विक कॉमर्स कंपनियों की 10 मिनट डिलीवरी सेवा पर रोक लगा दी है. Blinkit, Swiggy, Zepto और Zomato जैसी प्रमुख कंपनियों ने यह सुनिश्चित किया है कि वे अब अपने ब्रांड या सोशल मीडिया पर 10 मिनट की डिलीवरी का वादा नहीं करेंगी. श्रम मंत्रालय ने डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि इस सेवा मॉडल में जल्दी डिलीवरी के दबाव के कारण कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता है.
Zomato के बॉस ने आंख के पास एक खास गैजेट को चिपकाया हुआ है, जिसको टेम्पल कहा जाता है. यह गैजेट अपने में बेहद ही खास है और जल्द ही लॉन्च होगा. यह गैजेट दिमाग में होने वाले फ्लो को सटीक, रियल-टाइम जानकारी देने का काम करता है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
गिग वर्कर्स के हड़ताल के ऐलान के बाद जोमैटो के सीईओ और फाउंडर दीपिंदर गोयल ने बड़ा स्टेटमेंट दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे 10 मिनट डिलीवरी को लेकर भी समझाया है कि कैसे यह डिलीवरी पाटर्नर्स के लिए अनसेफ नहीं है.
एक ओर गिग वर्कर्स यूनियन ने लाखों डिलीवरी पार्टनर्स के राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का दावा किया, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में डिलीवरी एजेंट्स मजबूरी में काम करते दिखाई दिए. दिल्ली, मुंबई के अंधेरी, चेन्नई और उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ जैसे शहरों से सामने आए दृश्यों में डिलीवरी बॉयज बाइक पर ऑर्डर उठाते और ग्राहकों तक पहुंचाते नजर आए.
गिग वर्कर्स के हड़ताल के ऐलान के बाद जोमैटो और स्विगी ने गिग वर्कर्स के लिए इंसेंटिव का ऐलान किया है. लेकिन यह फैसला आपके लिए चिंता वाला भी है, क्योंकि इससे ऑनलाइन ऑर्डर महंगे हो सकते हैं.
क्विक कॉमर्स कंपनियों से जुड़े GiG Workers ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशभर में हड़ताल का आह्वान किया था, जिसके बाद अचानक जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों ने उनका पे-आउट बढ़ाने का ऐलान कर दिया.
आज नए साल के जश्न से पहले 31 दिसंबर को देशभर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी वर्कर्स ने हड़ताल का ऐलान किया है. इनके यूनियन का दावा है कि एक लाख से अधिक वर्कर्स काम बंद या कम समय के लिए करेंगे. इससे लाखों ऑर्डर प्रभावित हो सकती हैं.
31 December Strike Alert: Swiggy, Zomato और quick commerce delivery workers की देशभर में हड़ताल. New Year party से पहले food delivery पर असर, जानें वजह और किन शहरों में पड़ेगा ज्यादा प्रभाव.
Zomato-Swiggy ने किया बड़ा ऐलान... गिग वर्कर्स को मिलेगा ज्यादा पेमेंट
नए साल की पूर्व संध्या पर बड़े स्तर पर हड़ताल की तैयारी चल रही है. गिग वर्कर्स 31 दिसंबर को हड़ताल पर जाने वाले हैं, जिससे ऑनलाइन डिलीवरी पर संकट आ सकता है.
Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal का शेयर मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है और शुरुआती ट्रेड में 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था. ये गिरावट इसकी सब्सिडियरी ब्लिंकिट से जुड़ी एक खबर के बाद आई है.
Zomato ग्राहकों के फोन नंबर रेस्तरां से साझा करने की तैयारी कर रहा है, जिसके बाद प्राइवेसी को लेकर देशभर में विवाद फैल गया. नेताओं, विशेषज्ञों और यूज़र्स ने इस कदम को DPDP नियमों के विरुद्ध बताया है.
जब निशा बेंगलुरु के उपभोक्ता आयोग पहुंचीं, तो आयोग ने पूरा मामला ध्यान से देखा. इसके बाद आयोग ने फैसला दिया कि स्विगी और रेस्टोरेंट दोनों मिलकर उन्हें 50,000 रुपये मुआवजे के रूप में, 50,000 रुपये मानसिक पीड़ा के लिए और 5,000 रुपये मुकदमे के खर्च के लिए देंगे.
यूजर ने लिखा कि अब जोमैटो से खाना मंगाने पर डिलीवरी पार्टनर चार्ज, प्लेटफॉर्म फीस, पैकेजिंग चार्ज और GST जैसे कई एक्स्ट्रा चार्ज देने पड़ते हैं. कभी-कभी लंबी दूरी या बारिश के मौसम में और भी चार्ज लग जाते हैं. जबकि सात साल पहले ऐसा नहीं था.
Stock Market की चाल गुरुवार को शुरुआत से ही बदली-बदली नजर आई. सेंसेक्स-निफ्टी ने गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार शुरू किया, लेकिन अगले ही पल दोनों इंडेक्स तेज रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए.