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महाराष्ट्र में हीटवेव का प्रकोप, 44 डिग्री पारा... विदर्भ में जानलेवा गर्मी, हीटस्ट्रोक से ऑटो ड्राइवर की मौत!

Maharashtra Heatwave: महाराष्ट्र में भीषण गर्मी और लू का सितम जारी है. राज्य के कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. मार्च से 12 अप्रैल तक राज्य में 15 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं. प्रशासन ने अलर्ट मोड में अस्पतालों में हीटस्ट्रोक वार्ड बनाए हैं. डॉक्टरों ने दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है.

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महाराष्ट्र में 1मार्च से 12 अप्रैल तक हीटस्ट्रोक के 15 मामले सामने आए (File Photo- ITG)
महाराष्ट्र में 1मार्च से 12 अप्रैल तक हीटस्ट्रोक के 15 मामले सामने आए (File Photo- ITG)

विदर्भ में पड़ रही तेज गर्मी अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. अकोला में मंगलवार को एक ऑटो ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. शुरुआती जांच में अधिक गर्मी और लू लगने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है. यह घटना पुराने शहर थाना क्षेत्र की है. जहां ऑटो ड्राइवर अपने वाहन में मृत अवस्था में मिले. थाना प्रभारी नितिन लेवलकर ने बताया कि शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह पता चल सकेगी.

अकोला, विदर्भ, रत्नागिरी समेत महाराष्ट्र के तमाम शहरों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने अभी हीटवेव के सितम का अलर्ट जारी किया है. इसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. जिलाधिकारी वर्षा मीना की अध्यक्षता में हुई बैठक में हीटस्ट्रोक से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई.

अभी अकोला समेत पूरे विदर्भ में तापमान 44°C के आसपास दर्ज किया जा रहा है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 1 मार्च से 12 अप्रैल तक पूरे महाराष्ट्र में 15 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं. जिसमें रत्नागिरी जिले में सबसे ज्यादा 6 मामले दर्ज किए गए जबकि पालघर में 2 मामले सामने आए हैं. वहीं, पुणे, रायगढ़, नासिक, नंदुरबार, जलगांव, जलना और गढ़चिरोली में भी हीटस्ट्रोक का एक-एक मामला सामने आया है.

महाराष्ट्र में गर्मी का टॉर्चर, कई शहरों में बढ़ा लू का प्रकोप, सामने आए हीटस्ट्रोक के मामले
 

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वहीं, पुणे महानगरपालिका के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में 600 से ज्यादा लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे. सिर्फ मार्च महीने में 19  नगर अस्पतालों और 135 डिस्पेंसरी में कुल 654 मरीज इलाज कराने आए. इनमें 280 लोगों को सबसे समस्या डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) की समस्या थी. वहीं, हीट एग्जॉर्शन (गर्मी से थकान और कमजोरी), हीट रैश (गर्मी से चकत्ते), हीट क्रैंप (पैरों और हाथों में दर्द), हीट एडीमा (शरीर में सूजन) और  हीट सिंकोप (चक्कर आना या बेहोश होना) के मामले भी दर्ज किए गए हैं.

अलर्ट मोड में प्रशासन
भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच प्रशासन ने अलर्ट मोड में कई बड़े फैसले किए हैं. सभी सरकारी और ग्रामीण अस्पतालों में हीटस्ट्रोक वार्ड बनाए गए हैं. 37 बेड खासतौर पर रखे गए हैं. ORS, दवाइयों और जरूरी सामान का स्टॉक बढ़ा दिया गया है. जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और महापालिका को निर्देश दिए हैं कि गांवों में मुनादी (दवंडी) के जरिए और शहर में होर्डिंग, पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए.

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सूखा मौसम, साफ आसमान और बारिश न होने के कारण यह लू का प्रकोप बढ़ गया है. हवा में नमी की कमी से गर्मी और भी तेज लग रही है. वहीं, डॉक्टरों की सलाह है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर कम निकलें. ज्यादा पानी पिएं, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और छाते या टोपी का इस्तेमाल करें. 

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