हिमाचल के ऊना ज़िले के रहने वाले सुखविंदर, जो नेपाल में त्रिशूली हाइड्रो प्रोजेक्ट में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे, नेपाल में आई बाढ़ के बाद से लापता हैं. एक एजेंसी के मुताबिक बुधवार को नेपाल के रसुवा और दूसरे ज़िलों में अचानक आई बाढ़ के बाद से ही उनका परिवार उनसे संपर्क करने और उन्हें खोजने की लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है, जिससे उनकी चिंता बढ़ती जा रही है. इस बात की जानकारी एक एजेंसी ने दी.
परिवार ने अपने बेटे को खोजने के लिए केंद्र सरकार और स्थानीय सांसद अनुराग ठाकुर से संपर्क किया है. सुखविंदर के पिता हुसन लाल ने शनिवार को बताया कि उनका बेटा पहले भूटान में काम करता था, जिसके बाद कंपनी ने उसका तबादला नेपाल कर दिया था. सुखविंदर तीन महीने की छुट्टी के बाद 15 अगस्त को नेपाल लौटे थे. हुसन लाल के मुताबिक उनका एक भतीजा भी काठमांडू में रहता है. वे उसके संपर्क में तो हैं, लेकिन सुखविंदर का कोई सुराग नहीं मिल रहा है. उनका बड़ा बेटा, जो दुबई में रहता है, भी अपने भाई को खोजने के लिए काठमांडू पहुंच गया है और जानकारी जुटा रहा है.
सुखविंदर का 18 महीने का बेटा भी है
सुखविंदर शादीशुदा हैं और उनका 18 महीने का बेटा है. ऊना के सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) अभिषेक मित्तल ने बताया कि सुखविंदर के लापता होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और संबंधित मंत्रालय से भी संपर्क किया गया है. वहीं चंबा ज़िले के सलूनी के रहने वाले सलमान खान ने फ़ोन पर अपनी मां को बताया है कि वह नेपाल में सुरक्षित हैं. यह युवक वहां एक प्राइवेट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका काम करने की जगह बाढ़ प्रभावित इलाके के दूसरी तरफ है और वह इसलिए सुरक्षित रहे क्योंकि वह एक सुरंग के अंदर थे.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे नागरिकों को राहत और बचाव सहायता पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित हिमाचल वापस लाना है. सरकार, विदेश मंत्रालय और काठमांडू में भारतीय दूतावास के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है. अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राज्य सरकार ने नेपाल में फंसे हिमाचल के लोगों और उनके परिवारों की मदद के लिए सभी ज़िलों में कंट्रोल रूम बनाए हैं.