हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में एडमिशन फॉर्म पर अब जाति का कॉलम नहीं होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को यह आदेश दिया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटा दिया जाए. हिमाचल के सीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अगले शिक्षण सत्र यानी 2027-28 के सेशन से यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक ले रहे थे. इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम सुक्खू ने समाज से जातीय भेदभाव खत्म करने, भाईचारे-समानता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी चर्चा की.
सीएम ने सरकारी स्कूलों से जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए स्कूलों के एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने के निर्देश भी दिए. हालांकि, अनुसूचित जाति (एससी) से आने वाले छात्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपनी जाति से संबंधित जानकारी देनी होगी.
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सीएम सुक्खू के निर्देश को लेकर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि इसे लागू करने के लिए विभाग जल्द ही नीति बनाएगा. उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से कोई भी पात्र बच्चा वंचित ना रह जाए.
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सीएम ने गिनाईं कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनुसूचित जाति के कल्याम के लिए शुरू की गई योजनाएं भी गिनाईं और कहा कि उच्च शिक्षा के लिए मेधावी छात्रों को 20 लाख रुपये तक का कर्ज सिर्फ एक फीसदी ब्याज दर पर दिया जा रहा है. राजीव गांधी स्टार्टअप स्कीम के तहत भी 100 किलोवाट से दो मेगावाट तक की सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जा रही है.