scorecardresearch
 

हिमाचल: लाहौल-स्पीति में कुदरत का कहर, खांगसर और शुगू में बादल फटने से तबाही, खेतों में घुसा मलबा, मटर-गोभी की फसलें पूरी तरह तबाह

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में खांगसर और शुगू गांव की पहाड़ियों पर बादल फटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे आ गया. बाढ़ जैसे हालात में खेत, सड़कें और कृषि भूमि प्रभावित हुई. मटर, गोभी समेत नकदी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं. एक कार भी मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुई, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई.

Advertisement
X
हिमाचल में बादल फटने से मचा हाहाकार.  (Photo: Screengrab)
हिमाचल में बादल फटने से मचा हाहाकार. (Photo: Screengrab)

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में खराब मौसम के बीच कुदरत का कहर देखने को मिला है. जिले की गोंदला पंचायत के खांगसर और शुगू गांव की पहाड़ियों पर अचानक बादल फटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आ गया. कुछ ही देर में स्थानीय नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और मलबे ने खेतों, कृषि भूमि और रास्तों को अपनी चपेट में ले लिया. इस आपदा ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया और नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया.

इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर शुगू गांव में देखने को मिला. बाढ़ के साथ आए पत्थर और मलबा सीधे किसानों के खेतों में पहुंच गया. खेतों में तैयार खड़ी मटर, गोभी और अन्य नकदी फसलें मलबे के नीचे दब गईं और पूरी तरह नष्ट हो गईं. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. स्थानीय लोगों के लिए यह नुकसान इसलिए भी बड़ा है क्योंकि इस इलाके के अधिकांश परिवार अपनी आजीविका के लिए नकदी फसलों पर ही निर्भर हैं. खेतों में तैयार फसलें नष्ट होने से ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. किसानों का कहना है कि उनकी महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में मलबे के नीचे दब गई.

पहाड़ियों पर बादल फटते ही नालों में उफान

बादल फटने के बाद पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क किनारे खड़ी एक कार भी उसकी चपेट में आ गई. भारी मलबे और बड़े पत्थरों के कारण कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार के अंदर कोई मौजूद नहीं था. इससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. बादल फटने के बाद इलाके के कई रास्तों पर भी मलबा जमा हो गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई. अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है.

Advertisement

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें अलर्ट हो गईं. हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है. प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.

सड़क किनारे खड़ी कार भी मलबे में दबी

लोगों को नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और पहाड़ी इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके. फिलहाल इस प्राकृतिक आपदा में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन खेतों, कृषि भूमि और नकदी फसलों को हुए नुकसान ने स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की नजर मौसम की स्थिति और आगे की परिस्थितियों पर बनी हुई है.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement