गुजरात के नवसारी में दुर्गाष्टमी के अवसर पर करीब 20 साल पहले धर्मांतरण करने वाले एक परिवार की हिंदू धर्म में घर वापसी कराई गई. यह धार्मिक कार्यक्रम पंचकुंडी गायत्री महायज्ञ के माध्यम से संपन्न हुआ. परिवार में माता-पिता, तीन बेटे और एक बेटी शामिल हैं. हिंदू युवा धर्म चिंतक से जुड़े अश्विन बारोट के मुताबिक, यह परिवार करीब दो दशक पहले उत्तर प्रदेश से नवसारी आया था. उनका दावा है कि उस समय मकान और रोजगार का प्रलोभन देकर परिवार का धर्मांतरण कराया गया था.
परिवार ने भी अपने बयान में इसी तरह के आरोप लगाए हैं. दुर्गाष्टमी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में परिवार के सभी सदस्यों ने धार्मिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया. इस दौरान पंचकुंडी गायत्री यज्ञ के साथ शुद्धिकरण की विधियां पूरी की गईं. आयोजकों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के जरिए परिवार ने हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश किया.
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अश्विन बारोट ने बताया कि कार्यक्रम गुजरात पुलिस और नवसारी जिला प्रशासन के सहयोग से सरकारी नियमों तथा प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आयोजित किया गया. उन्होंने कथित धर्मांतरण में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही. हालांकि, धर्मांतरण से जुड़े आरोपों और उनके पीछे बताए गए कारणों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है.
29 परिवारों की घर वापसी का भी दावा
अश्विन बारोट ने दावा किया कि आने वाले दिनों में करीब 29 अन्य परिवार भी स्वेच्छा से हिंदू धर्म में लौटना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मुस्लिम बहुल गांवों के करीब 3 से 4 हजार लोग हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश करने की इच्छा रखते हैं. उनके मुताबिक, इस संबंध में आगे की प्रक्रिया कानून के दायरे में पूरी की जाएगी.
बारोट के अनुसार, एक पूरा गांव भी हिंदू धर्म में पुनरागमन की तैयारी कर रहा है. उन्होंने इसके लिए करीब 4 हजार लोगों का आंकड़ा बताया. हालांकि, यह संख्या और प्रस्तावित घर वापसी का दावा आयोजक की ओर से किया गया है.
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित प्रक्रिया को लेकर फिलहाल संबंधित परिवारों की पहचान गोपनीय रखी गई है. आयोजकों का कहना है कि आगे की कार्रवाई कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी. नवसारी में दुर्गाष्टमी पर आयोजित इस कार्यक्रम के बाद अब आने वाले दिनों में किए गए इन दावों और प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों पर नजर रहेगी.