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चालान भरने का आया फर्जी SMS, क्लिक करते ही अकाउंट हो गया साफ... व्यापारी से ठगी

अहमदाबाद में 61 वर्षीय फ्रूट व्यापारी हरीश रोहरा साइबर ठगी का शिकार हो गए. कार के चालान के भुगतान के नाम पर आए फर्जी SMS में दिए लिंक पर क्लिक करने से उनके मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड हो गई. इसके बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 5,67,700 रुपये ट्रांसफर कर लिए.

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व्यापारी से APK फाइल के जरिए की गई ठगी. (Photo: Representational )
व्यापारी से APK फाइल के जरिए की गई ठगी. (Photo: Representational )

अहमदाबाद में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. मकरबा इलाके में रहने वाले 61 वर्षीय फ्रूट व्यापारी को कार के चालान के भुगतान के नाम पर आए एक फर्जी मैसेज पर क्लिक करना भारी पड़ गया. मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही उनके मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड हो गई. इसके बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 5,67,700 रुपये निकाल लिए. ठगी का पता चलने के बाद व्यापारी ने अहमदाबाद साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है.

पैकेज के नाम से डाउनलोड हुई थी फाइल
साइबर सेल में दर्ज शिकायत के मुताबिक फ्रूट व्यापारी हरीश रोहरा के मोबाइल पर 22 अगस्त को एक अज्ञात नंबर से टेक्स्ट मैसेज आया था. मैसेज में उनकी कार के चालान का भुगतान करने के लिए कहा गया था. इसके साथ ही एक लिंक भी भेजा गया था. व्यापारी ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, उनके मोबाइल में mParivahan के नाम से एक APK फाइल डाउनलोड हो गई. उन्होंने उस फाइल को तुरंत बंद कर दिया और उन्हें लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया.

लेकिन कुछ दिनों बाद 2 सितंबर की सुबह उनके मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे. एक के बाद एक ट्रांजेक्शन के मैसेज देखकर व्यापारी घबरा गए. जब वह अपनी फ्रूट की दुकान पर पहुंचे तो उन्होंने इसकी जानकारी अपने भाई को दी. इसके बाद दोनों तुरंत बैंक पहुंचे और खाते से हुए लेनदेन की जानकारी ली. बैंक में जांच कराने के बाद पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो चुका है और खाते से 5,67,700 रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं.

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मामले की शिकायत अहमदाबाद साइबर सेल में करने के बाद पुलिस ने उस APK फाइल की भी जांच की, जिसे व्यापारी के मोबाइल में डाउनलोड किया गया था. जांच में सामने आया कि APK फाइल का पैकेज नाम 'com.transport.gov.in' था. पुलिस के मुताबिक, इस फाइल को डाउनलोड करने और खोलने के बाद मोबाइल के साथ छेड़छाड़ की गई और इसके जरिए बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर दी गई.

मामले में की जांच में जुटी साइबर पुलिस
साइबर पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 318(4), 319(2), 61(2) और IT Act की धारा 43, 66, 66(c), 66(d) के तहत FIR दर्ज की है. पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें व्यापारी के खाते से रकम ट्रांसफर हुई है. साथ ही साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है.

यह मामला एक बार फिर बताता है कि ट्रैफिक चालान, KYC, बैंक अपडेट या किसी सरकारी सेवा के नाम पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करना कितना भारी पड़ सकता है. खासकर किसी भी अनजान APK फाइल को मोबाइल में डाउनलोड या इंस्टॉल करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है.

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