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टारगेट किलिंग को लेकर कश्मीरी पंडितों का दिल्ली में प्रदर्शन, बोले-तालिबानीकरण हो रहा

जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ चल रहे टारगेट किलिंग को लेकर संगठन के लोगों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. 

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कश्मीर का तालिबानीकरण किया जा रहा
  • विरोध में कई संगठन शामिल

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रहे टारगेट किलिंग को लेकर कश्मीरी पंडितों ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया. कश्मीरी पंडितों की मांग है कि सरकार उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे. जंतर मंतर पर एकत्रित कश्मीरी नागरिक समाज संगठन का कहना है कि हमें कश्मीर के इस्लामीकरण को रोकने की जरूरत है. दिल्ली में कश्मीरी पंडित एक दिन के अनशन पर हैं. कश्मीरी पंडितों का कहना है कि लगातार हिंदुओ और गैर कश्मीरियों को टारगेट किया जा रहा है. हम सरकार से अपील करते हैं कि वहां मौजूद सभी हिंदुओं और गैर कश्मीरियों को सुरक्षित वहां से निकाला जाए.

'कश्मीर का तालिबानीकरण किया जा रहा'
कश्मीर का तालिबानीकरण किया जा रहा है, लोग अपनी जेब में पिस्तौल लिए हुए हैं और कश्मीरी हिंदुओं को मारने के लिए एक हिट लिस्ट बन गई है. संगठन ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं की हत्या बंद होनी चाहिए. यह पुराने दिनों की वापसी है. संगठन के लोग कश्मीर में टारगेट किलिंग हत्याओं के खिलाफ विरोध और दिन भर का अनशन कर रहे हैं.

'द कश्मीर फाइल्स फिल्म का दोष नहीं'
वहीं कश्मीर में हो रही टारगेट कीलिंग को लेकर विपक्ष लगातार कश्मीर फाइल्स मूवी को भी जिम्मेदार ठहरा रहा है, लेकिन पंडितो ने इसे खारिज कर दिया है. अमित रहना कहते हैं कि कश्मीरी पंडित कश्मीर में हो रहे लगातार टारगेट किलिंग के लिए कश्मीर फाइल्स मूवी को बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं मानते.  कश्मीरी पंडितों का कहना है कि फिल्म में तो सिर्फ सच्चाई दिखाई गई कश्मीरी पंडितों का सच दिखाया गया, भला उसमें गलत क्या है.

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन


'गैर कश्मीरियों को बचाए सरकार'
कश्मीरी पंडित एस के गुंजन कहते हैं कि आज फिर से सन नब्बे जैसे हालात हो गए हैं. उस वक्त मेरे छोटे भाई को भी आतंकवादियों नो मार डाला था. उस वक्त मैं भी कश्मीर में ही बैंक में काम करता था आज की  तरह उस समय भी  गैर कश्मीरी सरकार से सेफ़ ज़ोन में पोस्टिंग की मांग करते थे, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया था. आज भी वैसे ही हालात है सरकार को चाहिए कि कैसे भी करके जो भी हिंदू और गैर कश्मीरी कश्मीर में काम कर रहे हैं उन को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए.

'लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की गलती'
अमित रैना कहते हैं कि सरकार ने कुछ गलतियां जरूर की हैं. अमित रैना कहते हैं कि कश्मीर में सीनियर पुलिस अधिकारी जिनको वहां काम करने का लंबा अनुभव था उन्हे साइड लाइन कर दिया गया. सरकार को समझना चाहिए कि कश्मीर एक अलग तरह का स्टेट है, 370 हटाने के बाद तो सरकार ने अब तक बहुत सख्ती की थी लेकिन फिर ढील दे दी. ये ढील देने का भी नतीजा है.

'पूरे देश में करेंगे जनजागरण'
संजय गंजू कहते हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी समझे ताकि वहां कोई भी अल्पसंख्यक या देशभक्त वहां मारा नहीं जाए. संजय गंजू कहते हैं कि आज हम वहां मारे गए लोगों के परिवार के साथ समवेदना व्यक्त करने के लिए एक दिन को अनशन पर बैठे हैं अगर ये घटनाएं रूकी नहीं तो देशभर में जनजागरण आंदोलन करेंगे.

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विरोध में कई संगठन शामिल
अनशन और विरोध प्रदर्शन में कश्मीरी पंडित और कश्मीरी हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग भी शामिल हैं. जम्मू कश्मीर विचार मंच में अखिल भारतीय कश्मीरी समाज, जेकेएससी, रूट्स इन कश्मीर, कश्मीरी सेवक समाज शामिल हैं.

हिंदुओं का पलायन
कश्मीर में लगातार टारगेट किलिंग की घटना के बाद घाटी से कई परिवारों ने पलायन कर लिया है. पलायन से पहले कश्मीरी पंडितों ने कहा था कि हालात इतने बुरे हो गए हैं कि अब पलायन के सिवाए कोई रास्ता नहीं बचा है. गुरुवार को आतंकियों ने एक हिंदू बैंक मैनेजर को गोलियों से भून दिया था. इससे पहले भी टारगेट किलिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं. हाल ही में एक टीवी एक्ट्रेस को आतंकियों ने गोली मार दी थी.

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