दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने पिंक लाइन पर भी कोचों में भीड़ की रियल टाइम जानकारी देने वाला सिस्टम शुरू कर दिया है. अब यात्री प्लेटफॉर्म पर लगी स्क्रीन देखकर पहले ही जान सकेंगे कि ट्रेन के किस डिब्बे में कितनी भीड़ है. यह सुविधा मैजेंटा लाइन पर 2022 से चल रही है. डीएमआरसी ने बताया कि पिंक लाइन का रूट गोलाकार होने की वजह से यहां इसे लागू करना आसान नहीं था.
मेट्रो के हर डिब्बे में वजन मापने वाले सेंसर लगाए गए हैं. ये सेंसर डिब्बे का मौजूदा वजन नापते हैं और उसे खाली डिब्बे के वजन से मिलाते हैं. इस अंतर से अंदाजा लग जाता है कि डिब्बे में कितने यात्री सवार हैं.
इसी जानकारी के आधार पर ट्रेन के सभी छह कोचों में यात्रियों की अनुमानित संख्या प्रतिशत में निकाली जाती है. इन कोचों को सी1 से सी6 नाम दिया गया है. ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से कुछ देर पहले यह आंकड़ा प्लेटफॉर्म पर लगी पैसेंजर इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम यानी पीआईडीएस स्क्रीन पर दिखने लगता है.
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डीएमआरसी के मुताबिक इस सुविधा से यात्रियों को पहले से पता चल जाएगा कि कौन सा डिब्बा कम भरा हुआ है. वे ट्रेन आने से पहले ही उस डिब्बे की तरफ प्लेटफॉर्म पर बढ़ सकते हैं. इससे किसी एक डिब्बे में ज्यादा भीड़ जमा होने की समस्या कम होगी, खासकर पीक आवर्स में. साथ ही समय भी बचेगा, क्योंकि यात्रियों को ट्रेन आने के बाद खाली जगह ढूंढने के लिए प्लेटफॉर्म पर इधर से उधर नहीं भागना पड़ेगा.
इस सुविधा की शुरुआत सबसे पहले मैजेंटा लाइन पर हुई थी, जो बॉटैनिकल गार्डन और जनकपुरी वेस्ट के बीच चलती है. अब इसे पिंक लाइन पर भी शुरू किया गया है, जो मजलिस पार्क और शिव विहार के बीच चलती है. मौजपुर से बाबरपुर वाला हिस्सा इस लाइन के गोलाकार रूट का ही एक भाग है.
निगम ने बताया कि पिंक लाइन पर इसे लागू करना चुनौती भरा काम था. वजह थी इसका गोलाकार रूट और सिस्टम चलाने के लिए जरूरी डेटा की आपसी जुड़ाई. डीएमआरसी का कहना है कि यह कदम यात्रियों को दी जाने वाली जानकारी की व्यवस्था सुधारने की कोशिशों का हिस्सा है, ताकि मेट्रो का सफर ज्यादा आसान और आरामदायक बन सके.