पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को चैलेंज किया है. उन्होंने कहा है कि 2029 के चुनाव में वे उनके खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं. शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हराने का दावा किया. इस चुनौती पर तीन बार के सांसद अभिषेक ने कहा कि अगर उनकी पार्टी उन्हें फिर से टिकट देती है, तो वह इस सीट से एक और चुनावी लड़ाई के लिए तैयार हैं. अभिषेक बनर्जी अभी पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से सांसद हैं.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले को अपनी निजी जागीर बना लिया है. वहीं टीएमसी नेता ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री की उनकी हार की भविष्यवाणी "चुनावी हिसाब-किताब" पर आधारित है या "चुनाव आयोग पर प्रभाव" का असर है.
बरुईपुर में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए अधिकारी ने बनर्जी को अगले लोकसभा चुनावों में डायमंड हार्बर से उनका सामना करने की चुनौती दी. उन्होंने दावा किया कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि मौजूदा सांसद "2024 में मिली जीत के अंतर से कम से कम एक वोट ज्यादा" के अंतर से हारें.
अधिकारी ने कहा, "अगर आप फिर से डायमंड हार्बर से चुनाव लड़ते हैं, तो मैं आपको हरा दूंगा. मैं पक्का करूंगा कि आप 2024 में मिले वोटों की संख्या से कम से कम एक वोट ज्यादा के अंतर से हारें. तब आपने पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव नहीं होने दिए थे. अगर आपमें हिम्मत है, तो 2029 में चुनाव लड़ें... हम आपकी जमानत जब्त करवा देंगे."
अभिषेक बनर्जी के अपने संसदीय क्षेत्र से नदारद रहने पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद लगभग सात लाख वोटों के अंतर से जीते थे, लेकिन चुनाव के बाद उन्हें "ढूंढना मुश्किल" हो गया है.
उन्होंने पूछा, "पिछले छह महीनों से वह कहां हैं?"
CM ने बनर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की और उन्हें "एछोरे पाका" (echore paka) कहा. यह एक बंगाली मुहावरा है, जिसका इस्तेमाल किसी ऐसे व्यक्ति का मजाक उड़ाने के लिए किया जाता है जो अपनी उम्र से ज्यादा समझदार होने का दिखावा करता है या अपनी उम्र से बड़ी हरकतें करता है.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के प्रभाव में दक्षिण 24 परगना में लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया गया है और जिले में निष्पक्ष पंचायत चुनाव नहीं होने दिए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि यह भतीजा दक्षिण 24 परगना में एक 'ज़मींदार' की तरह बर्ताव करता था और वहां पंचायत चुनाव नहीं होने देता था.
अभिषेक बनर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं.
हालांकि बनर्जी ने तुरंत इस चुनौती का जवाब देते हुए कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें मौका देता है, तो वह फिर से डायमंड हार्बर से चुनाव लड़ेंगे.
अधिकारी के इस दावे पर कि वह पिछली बार के जीत के अंतर से भी बड़े अंतर से हारेंगे, बनर्जी ने पूछा, "क्या वह कोई ज्योतिषी हैं?"
मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास के आधार पर सवाल उठाते हुए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र किया और आरोप लगाया कि बीजेपी मतदाताओं के बजाय चुनाव आयोग पर भरोसा कर रही है.
उन्होंने पूछा, "क्या उन्होंने पहले ही सारा हिसाब-किताब लगा लिया है और उसे चुनाव आयोग को सौंप दिया है?"
बनर्जी ने कहा कि आखिरकार मतदाता ही तय करेंगे कि "बीजेपी की संस्थागत ताकत" जीतेगी या "जनता का लोकतांत्रिक जनादेश."