scorecardresearch
 

'आजतक' ने कराई अमरनाथ गए बेटे से फोन पर बात, पिता ने ली राहत की सांस

पिता ओमप्रकाश और माता आशादेवी की चिंता तब दूर हुई जब 'आजतक' ने बारटाल में मौजूद एक अमरनाथ यात्री को फोन कर संगम विहार के परिवार की जानकारी ली. ओमप्रकाश के बेटे वहां मौजूद थे. जिसके बाद 'आजतक' संवाददाता ने फोन पर वीडियो कॉलिंग के ज़रिये बुजुर्ग माता-पिता की उनके बेटे-बहु से बातचीत कराई.

Advertisement
X
'आजतक' संवाददाता ने कराई फोन पर बात
'आजतक' संवाददाता ने कराई फोन पर बात

दिल्ली के संगम विहार में रहने वाले बुजुर्ग माता-पिता अमरनाथ यात्रा के लिए गए अपने बेटों और बहु से संपर्क न हो पाने की वजह से बेहद परेशान थे. अनंतनाग में आतंकी हमले के बाद से ही बूढ़े मां-बाप ख़ैर-ख़बर लेने के लिए अपने बेटों को लगातार फोन लगाते रहे लेकिन फोन बंद होने की वजह से बातचीत नहीं हो पा रही थी. पिता ओमप्रकाश और माता आशादेवी की चिंता तब दूर हुई जब 'आजतक' ने बारटाल में मौजूद एक संगम विहार के परिवार की जानकारी ली. ओमप्रकाश के बेटे वहां मौजूद थे. जिसके बाद 'आजतक' संवाददाता ने फोन पर वीडियो कॉलिंग के ज़रिये बुजुर्ग माता-पिता की उनके बेटे-बहु से बातचीत कराई.

दिल्ली के संगम विहार में रहने वाले दंपत्ति के 2 बेटे गिरिराज, महेश और बहु रूपा 7 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए दिल्ली से रवाना हुए थे. ओमप्रकाश ने बताया कि उनके बेटे पिछले कई सालों से अमरनाथ यात्रा कर रहे हैं लेकिन सोमवार को हुए आतंकी हमले के बाद उनकी चिंता काफी बढ़ गयी. 'आजतक' की टीम जब संगम विहार पहुंची तो बुजुर्ग माता-पिता लगातार अपने बेटों को मोबाइल पर सम्पर्क करने की कोशिश करते नज़र आए. आशादेवी ने बताया कि उनके घर का टीवी खराब है और मंगलवार की सुबह मोहल्ले के लोगों से उन्हें मिली. जिसके बाद से दिल्ली में परिवार के लोगों की चिंता काफी बढ़ गयी.

Advertisement

ओमप्रकाश ने अपने बेटों से फोन पर लंबी बातचीत कर राहत की सांस ली. गिरिराज और महेश की माता आशादेवी ने अपने बेटों को जल्दी घर लौटने के लिए कहा तो गिरिराज के बेटे किशन ने भी अपने पिता का हालचाल पूछा.

 

Advertisement
Advertisement