scorecardresearch
 

डायबिटीज का पुरुषों और महिलाओं में अलग- अलग असर, होता है इन बीमारियों का भी खतरा

नई रिसर्च में पाया गया है कि डायबिटीज पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है. यह अध्ययन यूके के 28,720 टाइप-2 डायबिटीज मरीजों के हेल्थ रिकॉर्ड पर आधारित है, शोधकर्ताओं ने कहा कि डायबिटीज के इलाज में दूसरी बीमारियों पर भी ध्यान देने की जरूरत है.

Advertisement
X
डायबिटीज महिलाओं और पुरुषों पर अलग-अलग असर करती है.
डायबिटीज महिलाओं और पुरुषों पर अलग-अलग असर करती है.

डायबिटीज का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है. इससे दिल, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है. अब एक बड़ी स्टडी में सामने आया है कि डायबिटीज से होने वाली दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं पुरुषों और महिलाओं में एक जैसी नहीं होतीं है. इस रिसर्च को PLOS मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है. 

इस रिसर्च में यूके के 28,720 ऐसे मरीजों का हेल्थ रिकॉर्ड निकाला गया, जिनमें हाल ही में टाइप-2 डायबिटीज की पहचान हुई थी. मरीजों में समय के साथ डायबिटीज के कारण होने वाली दूसरी समस्याओं का भी आकलन किया गया. इसमें देखा गया है महिलाओं में क्या समस्याएं हो रही है और इनमें ऐसी कौन सी हैं जो पुरुषों से अलग हैं. 

पुरुषों में दिल और किडनी पर ज्यादा असर

स्टडी के मुताबिक पुरुषों में डायबिटीज के साथ हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा था, खास बात यह रही कि पुरुषों में ये समस्याएं डायबिटीज होने के बाद कम उम्र में ही होने लगीं थी. डायबिटीज लंबे समय तक बढ़ी हुई शुगर के कारण नसों को नुकसान पहुंचा सकती है. शुगर लेवल बढ़ने से आंखों की समस्याएं भी हो सकती हैं. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, रोज की ये छोटी-छोटी आदतें बना देंगी डायबिटीज का मरीज

महिलाओं में चिंता और डिप्रेशन का खतरा

रिसर्च में पता चला कि महिलाओं में एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं अधिक देखने को मिलीं. जबकि पुरुषों में ये डायबिटीज से होने के बाद कम देखी गईं.  यह भी पाया गया कि डायबिटीज के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मौत का जोखिम बढ़ सकता है.

यह भी पढ़ें: डायबिटीज के मरीजों को कौन से फल जरूर खाने चाहिए, किनसे बचें, AIIMS के डॉक्टर ने बताया

डॉक्टरों के लिए भी जरूरी संकेत

शोधकर्ताओं का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों की निगरानी करते समय केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा. पुरुषों में दिल और किडनी की सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हो सकती है, जबकि महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग को भी इलाज का हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement