क्या आपको भी रोज- रोज कुछ समय के लिए चक्कर आते हैं. अगर ऐसा है तो इसको आप सामान्य परेशानी न समझें. डॉक्टर बताते हैं कि चक्कर एक लक्षण है, जिसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं. इसके सबसे आम कारणों में से एक वर्टिगो भी है. इसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे कमरा या आसपास की चीजें घूम रही हैं.
खासतौर पर सिर घुमाने, करवट बदलने या बिस्तर से उठने पर कुछ सेकंड के लिए तेज चक्कर आना बिनाइन पैरॉक्सिज्मल पोजिशनल वर्टिगो यानी बीपीपीवी से जुड़ा हो सकता है. दिमाग और नर्वस सिस्टम से जुड़ी कुछ समस्याएं भी चक्कर और संतुलन बिगड़ने का कारण बन सकती हैं.
माइग्रेन से जुड़े वर्टिगो भी हो सकता है सिरदर्द का कारण
माइग्रेन से जुड़े वर्टिगो में सिरदर्द के साथ या कभी-कभी बिना सिरदर्द के भी चक्कर, रोशनी और आवाज से परेशानी या असंतुलन महसूस हो सकता है. वहीं ब्रेन के संतुलन से जुड़े हिस्से, खासकर सेरिबेलम या ब्रेनस्टेम में समस्या होने पर चक्कर के साथ चलने में लड़खड़ाहट, हाथ-पैर में कमजोरी या बोलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
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बीपी का अचानक गिरना भी सिर में दर्द का बन सकता है कारण
मेट्रो ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स में सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सोनिया लाल गुप्ता ने इस बारे में बताया है. वह कहती हैं कि ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट भी चक्कर का कारण बन सकती है. खासतौर पर लंबे समय तक बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होने पर आंखों के सामने अंधेरा छाना, कमजोरी या चक्कर महसूस होना ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन से जुड़ा हो सकता है.
शरीर में पानी की कमी से सिरदर्द की समस्या
इसके अलावा शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी, लंबे समय तक खाना न खाना या ब्लड शुगर कम होना भी चक्कर और कमजोरी पैदा कर सकता है. एनीमिया यानी खून की कमी में शरीर के टिश्यू तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचने के कारण थकान, कमजोरी और हल्का चक्कर महसूस हो सकता है.
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इन लक्षणों के दिखते ही जाएं अस्पताल
अचानक तेज चक्कर के साथ बोलने में दिक्कत, चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होना, हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन, अचानक तेज सिरदर्द, चलने में गंभीर परेशानी, बेहोशी या निगलने में दिक्कत हो तो यह स्ट्रोक जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षणों में तुरंत अस्पताल जाना चाहिए. समय पर इलाज से स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है.