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17 साल की उम्र, इश्क और 2 कत्ल... आधी रात के क्राइम की कहानी दहला देगी

क्राइम पेट्रोल 2026 के नए सीजन के 'बगावत' एपिसोड में टीनएज लव स्टोरी को दिखाया गया है, जो डबल मर्डर और जुर्म की कहानी में बदल जाती है.

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क्राइम पेट्रोल में दिखी बदले की कहानी (Photo: Social Media)
क्राइम पेट्रोल में दिखी बदले की कहानी (Photo: Social Media)

टीनएज लव... ऐसा इश्क जो सबसे बड़ा रिस्क लेकर आता है. जहां जज्बात संभाले नहीं संभलते, आप उम्र की ऐसी दहलीज पर होते हो, जहां प्यार में सभी बंदिशों को तोड़ जाते हो. दीवानगी इतनी बढ़ जाती है कि अपने दुश्मन लगने लगते हैं. उनका रोकना खलता है. ऐसे में जब दिली चाहत दबती है, प्यार को खोने का एहसास बढ़ता है.. तब जुर्म दस्तक देता है.

आशिकी की इसी खूनी कहानी को क्राइम पेट्रोल 2026 के नए सीजन में दिखाया गया. सस्पेंस और थ्रिल से भरे 'बगावत' एपिसोड में लड़कपन का इश्क दिखता है. जो डबल मर्डर जैसे वारदात के अंजाम के साथ खत्म होता है.

पहला पहला प्यार...जिंदगी भर का सबक

ये कहानी है 17 साल की गुंजन की. जो 20 साल के स्टाइलिस्ट कंटेंट क्रिएटर सुनील को अपना दिल दे बैठती है. भोली भाली और रिजर्व रहने वाली गुंजन अपने से बिंदास सुनील से इंफ्लुएंस हो जाती हैं. इस रिश्ते में सुनील डोमिनेट करता है. दोनों की लव स्टोरी पर तब ब्रेक लगता है जब गुंजन के पिता के सामने उनके रिश्ते का सच आता है. अपनी मासूम बेटी को प्यार के इस दलदल से निकालने की वो हर कोशिश करते हैं. वो सुनील के घर जाकर उसके पेरेंट्स से शिकायत करते हैं. सुनील को उनकी बेटी से दूर रहने को कहते हैं. बिना मां के पली गुंजन पिता को दुख नहीं देना चाहतीं और सुनील से रिश्ता तोड़ने को मान जाती है. लेकिन सुनील के लिए उसकी बेकरारी खत्म नहीं हो पाती. फिर जुर्म की तरफ पहला कदम आगे बढ़ता है.

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आधी रात को सुनील, गुंजन को भगाकर ले जाता है. अगली सुबह गुंजन के पापा का बेटी को घर पर ना देखकर बुरा हाल होता है. वो अपनी नाबालिग बेटी को ढूंढने के लिए थाने पहुंचते हैं. आखिरकार दोनों शहर से दूर एक लॉन्ज में मिलते हैं. पुलिस सुनील को सलाखों के पीछे डालती है. वहीं गुंजन, पिता और पुलिस के सामने घबराकर सुनील का साथ नहीं देती. सुनील ने चीख-चीखकर कहा कि गुंजन अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी. वो गुंजन को सच बताने को कहता है. मगर गुंजन डरी सहमी बैठी रहती है. आखिर में सुनील को किडनैपिंग के आरोप में जेल होती है.

उधर गुंजन के पिता बेटी का ध्यान डाइवर्ट करने उसे बुआ के घर भेज देते हैं. एक महीने बुआ के घर रहने के बाद गुंजन भी सुनील की यादों से आगे बढ़ जाती है. उधर सुनील बदले की आग में जल रहा है. वो उसे झूठे केस में सलाखों के पीछे डालने वाले हर शख्स को सजा देना चाहता है. इस बदले की आग में वो कंधे पर 5 लोगों (गुंजन समेत उसकी दोनों बुआ, पिता और पुलिस इंस्पेक्टर) का टैटू बनवाता है.. वो इन पांचों का राम नाम सत्य करना चाहता है. सबका नामोनिशान मिटा देना चाहता है. 

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प्यार के लिए बेटी बनी पिता की दुश्मन

कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब गुंजन अपने घर लौटती है, एक बार फिर से सुनील को देखकर उसकी फीलिंग्स जाग उठती है. गुंजन चुपके से सुनील से मिलकर माफी मांगती है. वो उसे भरोसा दिलाती है कि उसके प्यार के लिए कुछ भी करेगी. फिर शुरू होती है असली बगावत.

सुनील, गुंजन संग मिलकर उनके प्यार में रोड़ा बने उसके पिता को मौत के घाट उतारने का प्लान बनाता है. वारदात के दिन गुंजन के घर में आधी रात को खूनी खेल होता है. पहले सुनील, गुंजन के पिता की चाकू मारकर जान लेता है. पिता की निर्मम हत्या होते देख गुंजन बस देख रही थी. ये सीन दिल कचोटता है. इससे भी दर्दनाक वो पल था जब सुनील ने गुंजन के छोटे लाडले भाई को भी चाकू घोंपा. भाई की मौत प्लान का हिस्सा नहीं थी. इसलिए गुंजन भाई को मरा देख टूट जाती है. पिता के लिए उसे दर्द नहीं है, लेकिन भाई की मौत का मातम मनाती है. दोनों क्राइम सीन से रातोरात भागते हैं.

अगले दिन उस घर में पड़ी पिता-बेटे की लाश देखकर पूरा इलाका दहल जाता है. पुलिस चार्ज लेती है. गुंजन और सुनील शहर-शहर पुलिस से छिपते छिपाते घूमते हैं. उन्हें पकड़ने में पुलिस के पसीने छूट जाते हैं. लेकिन कहते हैं कि झूठ ज्यादा दिन नहीं छिप सकता. दोनों पकड़े जाते हैं. गुंजन फूट-फूटकर रोती है, अपनी गलती का उसे पछतावा है. वहीं सुनील को जेल के अंदर एहसास होता है कि उसने अपने गुस्से के चलते एक अच्छी खासी जिंदगी को बर्बाद कर दिया है. 

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क्राइम पेट्रोल के इस एपिसोड की कहानी इसलिए भी दिल चीरती है क्योंकि ये कोई फिक्शन नहीं, बल्कि सच्ची घटना से इंस्पायर है. इस क्राइम स्टोरी से बस ये जान सकते हैं कि कहां पर गलती हुई? क्या इस डबल मर्डर को रोका जा सकता था? अगर गुंजन के पिता ने एक दोस्त बनकर उसकी फीलिंग्स को समझा होता, तो क्या ऐसा होता? क्या सुनील को सिर्फ सजा देने के बजाय उसके गुस्से और जुनून को समय रहते रोका जा सकता था?

प्यार और जुनून के बीच की लकीर बेहद पतली होती है. जब इस लकीर को गुस्सा, जिद और बदला पार कर जाए, तो मोहब्बत की कहानी अपराध में बदल जाती है. 'बगावत' की कहानी बताती है कि गलत उम्र में लिया गया एक भावनात्मक फैसला सिर्फ एक रिश्ते को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर सकता है.

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