दिल्ली में एक और बिल्डिंग गिरी... लेकिन इस बार सिर्फ एक इमारत नहीं टूटी... सात सपने मलबे में दब गए..24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन सत्य निकेतन में अभी भी काफी लोगों के दबे होने की संभावना है. सत्य निकेतन जहां देशभर से छात्र अपने भविष्य के लिए आते हैं किसी ने मां को फोन किया... किसी ने दोस्त को... किसी ने अपने टीचर को... कुछ बच गए... कुछ हमेशा के लिए खामोश हो गए.