
कहते हैं सत्ता की कुर्सी में इतनी ताकत होती है कि यह बड़े से बड़े रिश्तों में भी दरार डाल देती है. बिहार की राजनीति और पावर के इसी खेल ने लालू प्रसाद यादव के परिवार में भी दूरियां डाल दी हैं. 'भोजपुरी बवाल' शो में अब तेज प्रताप यादव से परिवार के झगड़े पर सवाल पूछे गए, तो उनका दर्द छलक पड़ा. उन्होंने साफ-साफ माना कि राजनीति और कुर्सी की इसी चाहत की वजह से पिता लालू प्रसाद यादव और भाई तेजस्वी यादव के साथ उनके रिश्तों में दूरियां आ गई हैं.
तेज प्रताप ने खोले राज
'भोजपुरी बवाल' शो में तेज प्रताप यादव से शुभांकर मिश्रा पूछते दिखे- कुर्सी में कुछ तो पावर होती है ना, ये परिवार में रार (लड़ाई) करवा देती है. इसपर तेज प्रताप ने जवाब दिया- बाहुबली की जो रियल स्टोरी है. वही स्टोरी मेरे साथ हुई है.
शुभांगकर मिश्रा ने तेज प्रताप से आगे पूछा- तो क्या आपके साथ गद्दारी हुई है? इसपर तेज प्रताप बोले- हां, हुई ही है गद्दारी. वो तो सभी लोगों ने देखी ही है.
तेज प्रताप से आगे पूछा गया कि JJD (जनशक्ति जनता दल) पार्टी क्यों बनानी पड़ी? दो बेटों में भेदभाव क्यों हुआ? आपको स्वास्थ्य मंत्री क्यों बनाया गया और उन्हें (लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव) डिप्टी सीएम क्यों बनाया गया? दूसरे लोगों ने पार्टी पर कब्जा कर लिया.
इन तीखे सवालों को तेज प्रताप पहले तो शांति से सुनते रहे. फिर उन्होंने जवाब दिया- पार्टी पर तो लोगों ने पहले ही कब्जा कर लिया था. फिर तेज से पूछा गया कि उन्होंने अपने घर में माता-पिता से इसकी शिकायत की थी? इसपर वो बोले- किसी की आंख और मुंह थोड़ी ना बंद है. लोग तो देख ही रहे हैं.

पिता ने किया भेदभाव?
तेज प्रताप से आगे कहा गया- लालू प्रसाद यादव जी ने देखकर अनदेखा कर दिया कि आपका पोस्टर में नाम नहीं आ रहा है. लोग आपसे दूर हो रहे हैं. आप परेशान हैं. ये सुनकर तेज प्रताप यादव शांत हो गए. वो गहरी सोच में नजर आए. उनके चेहरे पर परिवार से दूर होने का दर्द साफ नजर आया.
तेज प्रताप यादव ने अपने पारिवारिक रिश्तों में आईं दूरियों पर खुलकर बात की. तेज प्रताप का ये अंदाज लोगों के दिल को छू रहा है. लोग उनसे कनेक्ट कर पा रहे हैं. फैंस का कहना है कि हंसते-खेलते चेहरे के पीछे काफी दर्द छिपा है. वैसे आपकी क्या राय है?