बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर 'हैप्पी जन्माष्टमी' की पोस्ट शेयर की. इस बीच लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि उन्होंने पोस्ट में कमेंट सेक्शन रिस्ट्रिक्ट कर दिया है. क्योंकि पद्मावत के जौहर सीन पर दिए गए अपने बयानों को लेकर स्वरा को काफी ट्रोल किया जा रहा है. 4 सितंबर को राजकोट में जन्माष्टमी के मौके पर हुए एक धार्मिक समारोह में भक्ति स्वामी ने भी उनके बयानों पर आलोचना की.
स्वरा की आलोचना
शुक्रवार को स्वरा ने एक पेंटिंग शेयर की, जिसमें वासुदेव बाल कृष्ण को यमुना पार ले जाते हुए और शेषनाग तूफान से दिव्य बच्चे की रक्षा करते हुए दिखाए गए हैं. उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन दिया, 'हैप्पी जन्माष्टमी!' साथ में हाथ जोड़ने वाला और नीले दिल वाला इमोजी लगाया. हालांकि, उनकी पोस्ट पर कमेंट्स रिस्ट्रिक्ट थे और इंस्टाग्राम पर मैसेज आ रहा था, 'केवल कुछ अकाउंट्स ही रिप्लाई कर सकते हैं.'
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वरा के पहले के बयानों के जवाब में खिरसारा स्वामीनारायण मंदिर के स्वामी और VHP जन्माष्टमी फेस्टिवल कमेटी के धार्मिक प्रमुख भक्ति स्वामी ने राजकोट में VHP जन्माष्टमी के धार्मिक समारोह के दौरान उनकी कड़ी आलोचना की. उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन्हें 'शूर्पणखा' कहा. भक्ति स्वामी ने आगे कहा, 'अपनी इज्जत की रक्षा के लिए सब कुछ कुर्बान करने वाली क्षत्रिया महिलाओं के बारे में ऐसे बयान देना उनके त्याग का अपमान है.'
इसी बीच, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री शंकर भौ ने भी स्वरा की आलोचना करते हुए उन्हें देश में महिला शक्ति के लिए 'कलंक' करार दिया. शंकर भौ ने कहा, 'महिला शक्ति के लिए ये कलंकित है, एक कीड़ा है वो.'
विवाद की शुरुआत स्वरा के पद्मावत के जौहर सीक्वेंस पर दिए गए बयानों से हुई, जहां उन्होंने सवाल उठाया था कि यह सीन रेप से बचे लोगों को क्या संदेश दे रहा है. करीब 800 महिलाओं द्वारा जौहर करने के चित्रण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था, 'भगवान न करे, अगर मैं रेप सरवाइवर होती, तो ये फिल्म मुझे क्या बता रही होती? मुझे लगता कि मैं कायर हूं कि मैंने अपनी इज्जत बचाने के लिए खुद को नहीं मारा. क्या यही आप हमारे जैसे समाज में बताना चाहते हैं, जहां मेरा मानना है कि वैसे भी रेप महामारी जैसा है? क्या आप हमारे सरवाइवर्स से यही कहना चाहते हैं कि आप जीने के लायक नहीं थीं?' बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को 'कायर' नहीं कह रही थीं और उनका बयान गलत तरीके से पेश और वायरल किया गया.