सिनेमा से लेकर राजनीति तक, एक्टर रवि किशन का बड़ा नाम है. एक्टिंग और पॉलिटिक्स में वो अपनी तगड़ी छाप छोड़ चुके हैं. एक्टर और नेता के तौर पर रवि किशन फैंस के दिलों पर राज करते हैं. लेकिन इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था. यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है. रवि किशन ने अब अपने स्ट्रगल के दिनों को याद किया.
रवि किशन ने बयां किया दर्द
दरअसल, रवि कशिन इन दिनों रियलिटी शो 'अलायंस' में अपनी बेटी संग नजर आ रहे हैं. शो में वो बाकी कंटेस्टेंट्स संग अपनी सालों की लंबी जर्नी और मुश्किलों पर बातचीत करते हुए दिखाई दिए. एक्टर ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्होंने काफी कुछ सहा है.
रवि किशन बोले- मेरी जिंदगी में मैं ऐसे कई लोगों से मिला हूं, जो अतीत में मेरा मजाक उड़ाते थे. वो लोग 90s में स्टार बन रहे थे और मैं उन्हें आगे बढ़ते हुए देख रहा था.
रवि किशन ने आगे बताया कि उन्होंने इंडस्ट्री के लिए खुद को तैयार करने में सालों लगा दिए. उन्होंने वो हर हुनर सीखा जो उनके मुताबिक एक एक्टर में होना चाहिए. इस बारे में उन्होंने बताया- मेरी आवाज अच्छी थी. मुझे घुड़सवारी, एक्शन आता था. उर्दू, हिंदी पर मेरी कमांड थी. मैंने थिएटर किया था और यहां तक कि डांस भी सीखा था.
'फिल्मों के लिए मैं पूरी तरह से तैयार था. लेकिन फिर भी मैं पीछे छूट गया जबकि बाकी सब लोग मुझसे आगे निकल गए थे. मैं खुद से कहता था कि अगर उनका समय आया है, तो मेरा वक्त भी आएगा. लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि मेरा समय 34 साल बाद आएगा.'
जब घूमा वक्त का पहिया
एक्टर ने आगे बताया कि उनके लिए वक्त का पहिया उस समय घूमा, जब उनकी एक्टिंग को लोग पसंद करने लगे और उनकी तारीफ होने लगी. रवि किशन बोले- 34 साल बाद मुझे कामयाबी मिली. उस साल मैंने बेस्ट एक्टर के सारे अवॉर्ड जीते. मैं उन मंचों पर गया, जहां मुझे पहले कभी नहीं बुलाया जाता था. लोग मुझे कभी इनवाइट नहीं करते थे. हर कोई मेरा मजाक उड़ाता था. किसी को यकीन नहीं था कि मैं कुछ कर सकता हूं, लेकिन आज मैं यहां हूं. रवि किशन की जर्नी के बारे में सुनकर शो के बाकी कंटेस्टेंट्स उनसे काफी इंप्रेस नजर आए.
एक्टर के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्होंने 1990 की शुरुआत में 'पीतांबर', 'आतंक', 'आर्मी' और 'जख्मी दिल' जैसी हिंदी फिल्मों से अपने एक्टिंग जर्नी की शुरुआत की थी. उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया. लेकिन सुपरस्टार का दर्जा उन्हें भोजपुरी फिल्मों से मिला.