एक्ट्रेस रवीना टंडन ने देश भर में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय रखी है. उन्होंने मिजोरम में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की तारीफ की, लेकिन साथ ही चिंता भी जताई कि दूसरी जगहों पर ऐसे आंदोलनों पर उन लोगों का कब्जा हो गया जिनके अपने राजनीतिक मकसद थे या जो सिर्फ पब्लिसिटी चाहते थे. उनका यह पोस्ट केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद आया है.
गौरतलब है कि प्रधान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हफ्तों तक चले NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दिया था. इंस्टाग्राम पर रवीना ने लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि आखिरकार छात्रों की आवाज सुनी जा रही है और ये विरोध प्रदर्शन देश की शिक्षा व्यवस्था में सार्थक बदलाव ला सकते हैं.
रवीना टंडन ने क्या कहा?
इंस्टाग्राम पर कई फोटो शेयर करते हुए रवीना ने लिखा कि हालिया छात्र विरोध प्रदर्शनों ने उन्हें उम्मीद दी है. 'खुशी और गर्व है कि आखिरकार आवाज सुनी जा रही है, #studentsprotest #Rishikeshprotest, और उम्मीद है. अब तक पर्यावरण/सामुदायिक जानवरों/वन्यजीवों/वनों की कटाई के विरोध प्रदर्शन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे थे और हार रहे थे. लोग जागरूक हो रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को यह समझना होगा कि हमारे पास यही एक ग्रह है. कोई 'प्लैनेट बी' (दूसरा ग्रह) नहीं है. यही है. उनके भविष्य के लिए हमें इसी को बचाना है.'
'मिजोरम और अन्य राज्यों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों ने मिसाल कायम की है. उन्हें सलाम. दुर्भाग्य से, कुछ राज्यों में शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को उपद्रवियों और राजनीतिक दलों ने हाईजैक कर लिया, और कुछ लोग तो बस रील बनाने और लाइमलाइट पाने के मौके की तलाश में वहां थे. आखिरकार, यह जायज मांगों की जीत थी.'
एक्ट्रेस ने हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की भी निंदा की और कहा कि ऐसी हरकतें छात्र आंदोलन का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं. 'हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का काम निश्चित रूप से उपद्रवी तत्वों का था. वे गैर-छात्र इस विरोध प्रदर्शन को पटरी से उतार सकते थे. बहरहाल, इसके बाद हमारी शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद और प्रार्थना कर रही हूं. यहां तक कि हमारे सरकारी स्कूलों से भी भ्रष्टाचार खत्म हो. सभी के लिए शिक्षा तक आसान पहुंच हो. अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल कर रही हूं. आपकी राय अलग हो सकती है, लेकिन मैं उसका भी सम्मान करती हूं. जब पढ़ेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया. जय हिंद.'
छात्र जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे थे?
NEET-UG 2026 परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों (जिसमें पेपर लीक का दावा भी शामिल था) के बाद, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने देश भर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए. दिल्ली के जंतर-मंतर और कई अन्य राज्यों में हजारों छात्र जमा हुए और उन्होंने जवाबदेही, परीक्षा में सुधार और ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
इन विरोध प्रदर्शनों का नतीजा 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के रूप में सामने आया.