लेजेंडरी एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी हो रही है. नाना के परिवार संग रिश्तों पर बातें बन रही हैं. दूसरी तरफ, तनुश्री दत्ता ने नाना के खिलाफ बोलकर विवाद खड़ा किया है. इन सभी बातों पर अब नाना के बेटे मल्हार ने रिएक्ट किया है. मल्हार ने सोशल मीडिया पर परिवार को लेकर हो रही चर्चाओं और ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई है. उन्होंने पिता संग अपने बॉन्ड, उनके बिना जिंदगी जीने समेत लीगल केस को लेकर चुप्पी तोड़ी है.
नाना-तनुश्री विवाद पर बोले मल्हार
हिंदुस्तान टाइम्स संग बातचीत में मल्हार ने बिना तनुश्री दत्ता का नाम लिए उनसे जुड़े मैटर पर बात की है. उन्होंने कहा- बिना किसी का नाम लिए मैं बस ये कहना चाहता हूं कि जिस मामले का बार-बार जिक्र किया जा रहा है, वो कबका खत्म हो चुका है. इस पर कोर्ट की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है. फिर भी लोग इस बारे में बोल रहे हैं. ऐसे लोगों को मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा. सच हमेशा सच ही रहेगा. भगवान उनका भला करे. मैं उन्हें बस यही कहना चाहूंगा.
परिवार संग कैसी थी नाना की बॉन्डिंग?
मल्हार ने कहा कि मुझे बचपन से ही पेरेंट्स से मुश्किल हालातों का सामना करने की हिम्मत और ताकत मिली है. बाहर के लोग हमारे परिवार के बारे में क्या सोचते हैं, इससे हमें फर्क नहीं पड़ता. मुझे हमेशा सबका प्यार मिला. हमारा परिवार इमोशनली एक-दूसरे से कनेक्टेड है.
अकेले नहीं थे पापा- मल्हार
मल्हार ने सोशल मीडिया पर परिवार की तस्वीरें शेयर नहीं करने को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया. वो कहते हैं- इतना सब कुछ वायरल हो रहा है. वो कितना गलत है. बस इसलिए कि हम इंस्टा पर फैमिली फोटो नहीं डालते, इसका ये मतलब नहीं कि हमारे बीच प्यार नहीं है. अलग होने के बाद भी मेरे पेरेंट्स के रिश्ते अच्छे थे. 39 साल का बॉन्ड था. चीजें वैसी नहीं थीं जैसी दिखती थीं. वो अकेले नहीं थे. कभी नहीं थे, ना ही पापा बीमार थे. हम में से कोई एक हमेशा उनके साथ था. वो एक्टिव थे. वो रोजाना ढाई घंटे वर्कआउट करते थे. ऐसा यंगस्टर्स नहीं कर पाते.
8 अक्टूबर को क्या हुआ था?
मल्हार ने 8 अक्टूबर को हुई घटना को याद किया. उन्होंने कहा- पापा उस समय गोवा में थे. मेरा कजिन प्रसाद, जो उनके एंटरटेनमेंट से जुड़े काम देखता है, उसे पापा ने मुंबई भेजा हुआ था. क्योंकि उन्हें माधुरी दीक्षित के साथ कौन बनेगा करोड़पति शूट करना था. मेरे पिता ऐसे इंसान थे, जो किसी को परेशान नहीं करना चाहते थे. जब उन्हें बेचैनी फील हुई तो उन्होंने पहले मैसेज किया. कुछ समय बाद फोन किया. परिवार के सदस्य तुरंत उनके पास पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. मैं उस वक्त पुणे में थे. सुबह करीब 5 बजे मां का फोन आया. उसके बाद क्या हुआ कुछ याद नहीं. ऐसा लगा मेरे आसपास की पूरी दुनिया थम गई हो.
क्यों कम प्रोजेक्ट कर रहे थे नाना?
मल्हार के मुताबिक, नाना एक जैसे रोल करके बोर हो गए थे. वह खुद कहानियां बनाना चाहते थे. एक एक्टर के तौर पर लगातार खुद को बेहतर करना चाहते थे. वो साबित करना चाहते थे कि भारी-भरकम डायलॉग बोले बिना भी शानदार एक्टिंग की जा सकती है.