scorecardresearch
 

'जीने के लिए बचे हैं सिर्फ 6 महीने', डॉक्टर की बात सुन डरे थे अदनान सामी, घटाया 120 किलो वजन

सिंगर और कंपोजर अदनान सामी ने अपनी जिंदगी बदलने वाली उस डरावनी हेल्थ प्रॉब्लम के बारे में बात की है, जब डॉक्टर ने उन्हें चेतावनी दी थी कि ज्यादा वजन की वजह से उनके पास जीने के लिए सिर्फ छह महीने बचे हैं.

Advertisement
X
वजन घटाने पर बोले अदनान (Photo: SCreengrab)
वजन घटाने पर बोले अदनान (Photo: SCreengrab)

मशहूर सिंगर और म्यूजिशियन अदनान सामी के गानों के साथ-साथ उनके अविश्वसनीय ट्रांसफॉर्मेशन की चर्चा सालों से होती आ रही है. लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपना वजन कम करके पूरी दुनिया को चौंका दिया, उसकी शुरुआत किसी आसान फैसले से नहीं बल्कि, एक बेहद खौफनाक मेडिकल चेतावनी से हुई थी. एक वक्त ऐसा आया था जब डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि उनका बढ़ता वजन उनकी जान ले सकता है और उनके पास जिंदगी के महज छह महीने ही बचे हैं. इस चेतावनी से भी ज्यादा, अपने पिता की आंखों में दिखा वो डर और दुख था जिसने अदनान को अंदर तक हिलाकर रख दिया. 

सिंगर अदनान सामी का वजन जब अपने चरम पर था, तब वह लगभग 230 किलो के हो चुके थे. इस वजह से उनका उठना-बैठना और चलना-फिरना तक दुभर हो गया था. हाल ही में 'ज़ूम' को दिए एक इंटरव्यू में उस भयानक दौर को याद करते हुए अदनान ने बताया कि डॉक्टर की वो बात उनके लिए बहुत बड़ा झटका थी. 

उन्होंने कहा, 'यह बात और भी ज्यादा दुखद और खौफनाक इसलिए बन गई क्योंकि जब डॉक्टर ने यह कहा, तब मेरे पिता ठीक मेरे बगल में बैठे थे. मुझे इस बात का सबसे ज्यादा दर्द हुआ कि डॉक्टर ने यह सब मेरे पिता के सामने कहा, क्योंकि जब आपके अपने लोग आपसे इतना प्यार करते हैं, तो वे आपकी ऐसी हालत देखकर बिखर जाते हैं.'

पिता से किया वादा जिसने बदल दी पूरी जिंदगी
शुरुआत में अदनान ने खुद को दिलासा देने के लिए पिता से कहा कि डॉक्टर शायद बातों को थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं. लेकिन उनके पिता ने बात टालने से मना कर दिया. पिता ने बेहद भावुक होकर कहा कि डॉक्टर कोई बकवास नहीं कर रहे, बल्कि जो दिख रहा है वही सच है. अपने पिता की आंखों में छाई वो बेबसी और आंसू देखकर अदनान टूट गए. उसी पल उन्होंने रोते हुए अपने पिता से कहा, 'मैं इसे ठीक कर लूंगा, मैं सब सही कर दूंगा.' अदनान बताते हैं कि पिता से किए उसी एक वादे ने उनके ट्रांसफॉर्मेशन के सफर की शुरुआत की. हालांकि, उस समय उन्हें खुद अंदाजा नहीं था कि वह कभी इतना वजन कम भी कर पाएंगे.

Advertisement

सर्जरी और अफवाहों पर सामी का करारा जवाब
जैसे-जैसे अदनान सामी का वजन तेजी से घटने लगा, सोशल मीडिया और मीडिया के एक वर्ग में यह अफवाहें उड़ने लगीं कि उन्होंने वजन घटाने के लिए सर्जरी (बैरिएट्रिक सर्जरी) का सहारा लिया है. इन बातों से अदनान काफी आहत हुए. उन्होंने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'जब भी आप मेहनत करके कुछ हासिल करते हैं, तो कुछ लोग आपकी कोशिशों को कमतर आंकने की कोशिश करते हैं. वे कहने लगते हैं कि इसने तो ढेर सारी सर्जरीज करवाई हैं, जो कि पूरी तरह बकवास है.' अदनान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई सर्जरी नहीं कराई, बल्कि उनका यह बदलाव सख्त डाइट, कसरत और अनुशासित जीवनशैली का नतीजा है.

धीमी प्रोग्रेस, निराशा और कड़ी मेहनत का दौर
अदनान ने वजन घटाने के उस दर्दनाक पहलू का भी जिक्र किया जो बाहर से लोगों को दिखाई नहीं देता. उन्होंने बताया कि कई बार पूरे हफ्ते कड़ा वर्कआउट करने और भूखे रहने के बावजूद जब वह वजन नापते थे, तो सिर्फ आधा किलो कम हुआ मिलता था. ऐसे समय में बहुत निराशा होती थी और लगता था कि इतनी मशक्कत का क्या फायदा. लेकिन जब वजन का घटना रुक जाता था (प्लेटो फेज), तो वे खुद को समझाते थे कि रुकना नहीं है. अदनान का कहना है कि महीनों की इस हाड़-तोड़ मेहनत को जब लोग एक झटके में 'सर्जरी' कहकर टाल देते हैं, तो बहुत दुख होता है.

Advertisement

230 किलो से 120 किलो वजन घटाया
अदनान सामी का वजन जब 230 किलो के करीब था, तब वे लगभग पूरी तरह बिस्तर पर ही रहने लगे थे. लेकिन डॉक्टर की चेतावनी के बाद उन्होंने एक्सपर्ट्स की देखरेख में एक सख्त प्लान तैयार किया. इसमें हाई-प्रोटीन और लो-कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट शामिल थी, साथ ही रोजाना एक्सरसाइज का कड़ा रूटीन बनाया गया. अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने बिना किसी सर्जरी के लगभग 120 किलो वजन घटाया. उनके लिए यह सफर सिर्फ सुंदर या स्लिम दिखने के लिए नहीं था, बल्कि यह जिंदगी और मौत की लड़ाई थी जो उन्होंने अपने पिता के लिए जीती.

तीन दशकों से कायम है संगीत का जादू
अदनान सामी के इस ट्रांसफॉर्मेशन से अलग, संगीत की दुनिया में उनका योगदान अतुलनीय रहा है. पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से वे अपनी सुरीली आवाज और पियानो की धुन से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं. 'लिफ्ट करा दे', 'कभी तो नजर मिलाओ', 'तेरा चेहरा', 'सुन जरा' और 'भर दो झोली मेरी' जैसे सदाबहार गानों ने उन्हें इंडिपेंडेंट म्यूजिक और बॉलीवुड में एक खास मुकाम दिया. लंदन में जन्मे अदनान को साल 2016 में भारत की नागरिकता मिली और साल 2020 में कला के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से नवाजा गया. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement