उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई सियासी जमीन को वापस पाने में जुटी कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है. लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू हो चुका है. ऐसे समय में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद नाराज चल रहे हैं. माना जा रहा है कि जितिन प्रसाद कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. बताया जा रहा है कि प्रसाद धौरहरा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार हो सकते हैं. हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व उन्हें मनाने में जुटा हुआ है.
कांग्रेस पार्टी ने जितिन प्रसाद को यूपी की धौरहरा लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है. हालांकि बाद में कांग्रेस नेतृत्व उन्हें लखनऊ सीट से चुनाव लड़ने की बात कही थी. इसी बात को लेकर जितिन प्रसाद नाराज माने जा रहे हैं. हालांकि, जितिन प्रसाद की ओर से इस मुद्दे पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि आप ये सवाल किस सबूत के आधार पर पूछ रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी तंज कसते हुए कहा कि अगर हर मीडिया चैनल सवाल कर रहा है तो फिर जितिन प्रसाद ऐसे गोल-मोल जवाब क्यों दे रहे हैं.
Why can’t just give a categorical denial? It’s hardly a hypothetical question when every news channel is carrying reports.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah)
बीजेपी ने गुरुवार को देर शाम उत्तर प्रदेश में 28 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. लखनऊ सीट से बीजेपी ने एक बार फिर राजनाथ सिंह के नाम की घोषणा है. बीजेपी ने बरेली, शाहजहांपुर और लखीमपुर सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की, लेकिन धौरहरा से प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है.
ऐसे में राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी ने जितिन प्रसाद के चलते ही धौरहरा सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारा है. ऐसे में बीजेपी जितिन प्रसाद का दामन थाम सकते हैं और पार्टी उन्हें उम्मीदवार बना सकती है.
यूपी के नगर निगम के चुनाव से पहले जितिन प्रसाद के भाई जयेश प्रसाद और उनकी पत्नी नीलिमा प्रसाद ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था. नीलिमा प्रसाद शाहजहांपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ी थी और जीतने में सफल रही थी.
बता दें कि धरौहरा सीट 2009 में पहली बार वजूद में आई थी और इस सीट पर कांग्रेस के टिकट से जितिन प्रसाद ने जीत दर्ज की थी. लेकिन साल 2014 में बीजेपी के रेखा वर्मा से हार गए थे. जितिन प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं.