BJP
INC
CPM
AITC
APOI
BSP
SUCI
AJUP
MPOI
IND
IND
IND
IND
Nota
NOTA
मालदा जिले का एक ब्लॉक लेवल का शहर गाजोल, एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है, जो कभी लेफ्ट का गढ़ था, लेकिन अब सभी उपलब्ध विकल्पों के साथ प्रयोग कर रहा है. इस निर्वाचन क्षेत्र ने पिछले तीन चुनावों में तीन अलग-अलग पार्टियों को अपना जनादेश दिया है, जिससे सभी दावेदार असमंजस में रहे हैं, और खास बात यह है कि राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस अभी तक यह सीट नहीं जीत पाई है.
1951 में स्थापित, गाजोल मालदा उत्तर लोकसभा सीट के सात हिस्सों में से एक है और पूरे गाजोल सामुदायिक विकास ब्लॉक को कवर करता है. इसे नगर पालिका बनाने का 2018 का प्रस्ताव अभी भी लंबित है, जिसे कई लोग गाजोल द्वारा सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को न चुनने की सजा मानते हैं. इस निर्वाचन क्षेत्र में अब तक 15 विधानसभा चुनाव हुए हैं, क्योंकि यह 1957 और 1962 में राज्य के चुनावी नक्शे से गायब हो गया था, जिसे 1967 के चुनावों से पहले फिर से शुरू किया गया.
यहां चुनावों में लेफ्ट का दबदबा रहा, उसने 10 बार जीत हासिल की, जिसमें CPI(M) की नौ जीत और 1951 के पहले चुनाव में अविभाजित CPI की एक जीत शामिल है. कांग्रेस पार्टी ने यह सीट चार बार जीती है, जबकि BJP ने 2021 में अपना खाता खोला.
कांग्रेस पार्टी के सुशील चंद्र रॉय ने CPI(M) की लगातार सात जीतों का सिलसिला तोड़ा, जो 1977 से 2006 तक चला था, जब उन्होंने 2011 में CPI(M) के गोविंदा मंडल को 5,584 वोटों से हराया था. CPI(M) ने 2016 में वापसी की, जब दीपाली बिस्वास ने तृणमूल कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुशील चंद्र रॉय को 20,602 वोटों से हराया. BJP, जो पिछले दो चुनावों में तीसरे स्थान पर रही थी, 2011 में 5.26 प्रतिशत और 2016 में 14.51 प्रतिशत वोट हासिल करने के बाद, 2021 में विजेता बनकर उभरी, जब उसके उम्मीदवार चिन्मय देब बर्मन ने तृणूल कांग्रेस की बसंती बर्मन को 1,798 वोटों के मामूली अंतर से हराया.
यही उथल-पुथल और BJP का उदय गाजोल विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनावों में भी दिखाई देता है. 2009 में कांग्रेस ने CPI(M) को 9,808 वोटों से हराया था, 2014 में CPI(M) ने तृणमूल कांग्रेस को 14,803 वोटों से हराया, 2019 में BJP ने तृणमूल पर 41,171 वोटों की भारी बढ़त के साथ टॉप पर जगह बनाई, और 2024 में BJP ने फिर से तृणमूल को 38,871 वोटों से हराया.
गजोल में 2024 में 279,524 रजिस्टर्ड वोटर थे, जो 2021 में 2,67,096, 2019 में 2,53,772, 2016 में 2,33,833 और 2011 में 1,86,960 थे. इस निर्वाचन क्षेत्र में अनुसूचित जाति सबसे प्रभावशाली समूह है, जिनके लिए यह सीट आरक्षित है और वोटरों का 37.36 प्रतिशत हिस्सा है, अनुसूचित जनजाति 19.94 प्रतिशत और मुस्लिम 23.80 प्रतिशत हैं. यह मुख्य रूप से ग्रामीण सीट है, जिसमें 96.61 प्रतिशत वोटर गांवों में और सिर्फ 3.39 प्रतिशत शहरी इलाकों में हैं. वोटर टर्नआउट में लगातार गिरावट आई है, जो 2011 में 86.64 प्रतिशत, 2016 में 84.87 प्रतिशत, 2019 में 83.01 प्रतिशत, 2021 में 82.84 प्रतिशत और 2024 में 73.41 प्रतिशत रहा.
गजोल उत्तरी मालदा जिले में बारिंद पठार पर स्थित है, जिसका इलाका थोड़ा ऊंचा है और मिट्टी लेटराइट है. महानंदा नदी पूर्व में बहती है, जबकि छोटी धाराएं खेतों की सिंचाई करती हैं. कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसमें धान, जूट और आम की व्यापक खेती होती है, मालदा अपने आम के बागों के लिए प्रसिद्ध है. सड़क कनेक्टिविटी नेशनल हाईवे 12 से मिलती है, जो गजोल से होकर गुजरता है और इसे उत्तर में रायगंज और सिलीगुड़ी और दक्षिण में मालदा शहर से जोड़ता है. रेल कनेक्टिविटी हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी लाइन पर गाजोल रेलवे स्टेशन से मिलती है, जो इस शहर को मालदा, कोलकाता और सिलीगुड़ी से जोड़ता है. मालदा शहर, जो जिले का हेडक्वार्टर है, गाजोल से 26 किमी दक्षिण में है, इंग्लिश बाजार, जो सबडिवीजन का हेडक्वार्टर है, वह भी 26 किमी दक्षिण में है, कोलकाता जो राज्य की राजधानी है, वह 345 किमी दक्षिण में है, उत्तर दिनाजपुर जिले में रायगंज 45 किमी उत्तर में है, दक्षिण दिनाजपुर जिले में बालुरघाट 65 किमी पश्चिम में है, दार्जिलिंग जिले में सिलीगुड़ी 165 किमी उत्तर में है, बिहार की राजधानी पटना 295 किमी पश्चिम में है, बिहार में किशनगंज 95 किमी उत्तर-पश्चिम में है, और बिहार में पूर्णिया 135 किमी उत्तर-पश्चिम में है. बांग्लादेश की सीमा गाजोल से लगभग 40 किमी पूर्व में महादीपुर के पास है, और सबसे नजदीकी बांग्लादेशी शहर राजशाही है, जो सीमा पार लगभग 55 किमी पूर्व में है.
बीजेपी 2026 के चुनावों में सीट बचाने के लिए पसंदीदा पार्टी है, हालांकि उसे तृणमूल कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है. बीजेपी ने पिछले तीन चुनावों में टॉप स्थान हासिल किया है, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों में उसकी जीत का अंतर चिंताजनक रूप से कम, 0.80 प्रतिशत था. अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि गाजोल के वोटर लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वोट देते समय अलग-अलग मापदंड अपनाते हैं.
गाजोल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ी और करीबी टक्कर होने वाली है, जिसमें लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन से 2026 के विधानसभा चुनावों में नतीजे बदलने के लिए हाशिये से पर्याप्त वापसी की उम्मीद नहीं है.
(अजय झा)
Basanti Barman
AITC
Arun Kumar Biswas
CPI(M)
Sanatan Rishi
BSP
Nota
NOTA
Supen Kumar Roy
SUCI
Satish Rajbanshi
IND
Bipad Bhanjan Roy
BMUP
Minu Sarkar (barman)
KPPU
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.