BJP
INC
CPM
AITC
BSP
SUCI
AJUP
RAJSP
WPI
IND
IND
IND
IND
Nota
NOTA
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित चंचल विधानसभा क्षेत्र (Chanchal Assembly Constituency) की राजनीतिक कहानी काफी दिलचस्प रही है. यह सीट वर्ष 2011 में पुराने खरबा विधानसभा क्षेत्र के विभाजन के बाद अस्तित्व में आई थी. वर्तमान में यह मालदा उत्तर (Maldaha Uttar) लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है.
चंचल विधानसभा क्षेत्र में चंचल-I सामुदायिक विकास खंड (Community Development Block) और हरीशचंद्रपुर-I ब्लॉक के चार ग्राम पंचायतें - बरुई, कुसिधा, राशिदाबाद और तुलसीहट्टा शामिल हैं. भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र मालदा जिले के उत्तरी हिस्से में स्थित है और चांचल उपखंड (Subdivision) का मुख्यालय भी है.
यह इलाका दो भौगोलिक क्षेत्रों में बंटा हुआ है -बरिंद (Barind): पूर्वी भाग में ऊंचा और कठोर मिट्टी वाला क्षेत्र. ताल (Tal): पश्चिमी भाग में नीची और दलदली भूमि, जहां बरसात के मौसम में बाढ़ की स्थिति बनती है. यहां से महानंदा नदी बहती है, जबकि पुनर्भाबा और तांगन नदियां भी पास से गुजरती हैं, जो इस इलाके की भौगोलिक बनावट को प्रभावित करती हैं.
चंचल की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि आधारित है. यहां धान, गेहूं और मौसमी सब्जियों की खेती प्रमुख है. इसके अलावा कुछ लोग छोटे व्यापार और सेवा क्षेत्रों में भी कार्यरत हैं. औद्योगिक गतिविधियां लगभग नगण्य हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में अन्य शहरों की ओर पलायन करते हैं.
चंचल से मालदा जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 65 किलोमीटर है, जबकि राज्य की राजधानी कोलकाता लगभग 370 किलोमीटर दूर स्थित है.
2021 के चुनावों में चंचल में 2,49,402 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2024 में बढ़कर 2,57,985 हो गए. मुस्लिम मतदाता लगभग 63.60%, अनुसूचित जाति (SC) लगभग 17.44%, शहरी मतदाता केवल 1.76% हैं. मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहता है, जो औसतन 78-80% के बीच रहा है.
2011 में अस्तित्व में आने के बाद से चंचल विधानसभा सीट पर तीन बार चुनाव हुए हैं. 2011 और 2016 में कांग्रेस पार्टी ने जीत हासिल की, जहां आसिफ महबूब ने क्रमशः 14,187 और 52,368 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निहार रंजन घोष ने भाजपा के दिपांकर राम को 67,338 वोटों के बड़े अंतर से हराया, जबकि कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही.
2024 के लोकसभा चुनाव में हालांकि मुकाबला कड़ा रहा. चंचल विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस मात्र 354 वोटों से कांग्रेस से आगे रही, जबकि भाजपा का वोट प्रतिशत 24.36% से बढ़कर 26.60% हो गया, जो पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत होने का संकेत देता है.
आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव में चंचल का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है. यहां तीन-तरफा मुकाबले की संभावना है- तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच.
कुल मतदाताओं में केवल 34% गैर-मुस्लिम हैं, ऐसे में भाजपा की उम्मीदें इसी वर्ग के एकजुट वोटों पर टिकी हैं. वहीं कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच मुस्लिम वोटों का बंटवारा चुनाव परिणाम को निर्णायक बना सकता है. चंचल की यह सीट 2026 में मालदा जिले के सबसे रोमांचक चुनावी रणक्षेत्रों में से एक साबित हो सकती है.
(अजय झा)
Dipankar Ram (bankat)
BJP
Asif Mehbub
INC
Jhantu Kumar Rabidas
SUCI
Younish Mia
BSP
Nota
NOTA
Bhakta Prasad Saha
IND
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वोटर्स को निडर होकर वोट डालने और लोकतंत्र के इस महापर्व में शामिल होने का भरोसा दिया है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया. निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विरोध जताया. आयोग को मतदाताओं को धमकाने और पहचान पत्र जमा कराने की शिकायत मिली थी. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने कहा, 'अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं.' वहीं तृणमूल नेताओं ने शर्मा पर अधिकार सीमा लांघने का आरोप लगाया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया.
West Bengal Elections: भवानीपुर सीट पर मतदान से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर फिंगर ग्लव्स के जरिए वोटिंग में धांधली की कोशिश का आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है. इन आरोपों के बाद चुनावी माहौल गरमा गया है.
पश्चिम बंगाल में चुनावी शोर के बीच अमित शाह का ‘नाइट मिशन’ सुर्खियों में है, जहां रैलियों के साथ देर रात तक संगठनात्मक बैठकों के जरिए बूथ स्तर की रणनीति को धार दी जा रही है. पीएम मोदी समेत बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के आक्रामक प्रचार के समानांतर चल रहा यह साइलेंट ऑपरेशन जमीनी फीडबैक, कमजोर कड़ियों की पहचान और दूसरे चरण की तैयारी पर केंद्रित है.