उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनावी तारीखों के ऐलान से पहले ही समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव जल्द ही पार्टी का घोषणापत्र जारी करने वाले हैं. अखिलेश कई मंचों से इस बार यूपी में सपा की सरकार बनाने का दावा कर चुके हैं.
अखिलेश यादव ने सोमवार को बताया कि 26 नवंबर को वे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करने वाले हैं. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस समेत तमाम पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सत्ताइस का संकल्प- PDA का प्रण पत्र.' उन्होंने कहा कि संविधान दिवस के मौके पर 26 नवंबर को पार्टी का घोषणापत्र जारी किया जाएगा.
उन्होंने इसे जन-मन घोषणापत्र बताया है. इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि वे प्रदेश के सभी 75 जिलों पर केंद्रित अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करेंगे. हालांकि, घोषणापत्र से जुड़े पोस्ट में उन्होंने इसे लेकर कोई बात नहीं की है.
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उत्तर प्रदेश का 2027 विधानसभा चुनाव अब बस दहलीज पर है. सियासी पार्टियां अपने-अपने कोर वोटर्स को लामबंद करने और दूसरों के कोर वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश में हैं. सूबे की राजनीति में यादव समाज केवल एक बड़ा पिछड़ा वर्ग नहीं, बल्कि सपा की राजनीति का सबसे बड़ा सामाजिक आधार भी है. यादव समाज को एक मजबूत 'वोटबैंक' और 'किंगमेकर' के रूप में देखा जाता है.
यूपी में ओबीसी समाज में सबसे बड़ी आबादी यादव समाज की है, जो सत्ता बनाने और बिगाड़ने की ताकत रखते हैं. समाजवादी पार्टी इसी वोटबैंक के दम पर सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए है, तो बीजेपी उसमें सेंधमारी कर अपने सियासी वर्चस्व को बरकरार रखना चाहती है