scorecardresearch
 

सपा-बसपा की 'जड़' पर चोट देने की तैयारी में BJP, यूपी में शुरू किया ये मिशन

उत्तर प्रदेश में भले ही अभी चुनाव का ऐलान न हुआ हो, लेकिन बीजेपी ने अपनी सियासी एक्सरसाइज तेज कर दी है. बीजेपी ने सूबे की सभी 403 विधानसभा सीटों के बूथ प्रबंधन में जुट गई है. ऐसे में सपा-बसपा के मजबूत आधार वाले बूथ को फतह करने की तैयारी बीजेपी ने की है.

Advertisement
X
सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Photo-PTI)
सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Photo-PTI)

उत्तर प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी ने अपनी सियासी एक्सरसाइज शुरू कर दी है.  सीएम योगी आदित्यनाथ अलग-अलग जिलों का दौरा कर राजनीतिक माहौल बनाने में जुटे हैं तो बीजेपी की रणनीति सपा और बसपा के मजबूत माइक्रो सिस्टम पर चोट देने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. बीजेपी ने जमीन स्तर संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ मैनेजमेंट शुरू किया है. 

बीजेपी ने गुरुवार को एक साथ यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर बूथ सम्मेलन करके चुनावी बिगुल फूंक दिया है. इस बूथ सम्मेलन के जरिए जमीनी स्तर पर खुद को मजबूत करने की नहीं बल्कि सपा-बसपा के वोटबैंक में सेंधमारी का भी प्लान बनाया है. 

उत्तर प्रदेश में आयोजित बूथ सम्मेलनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए. इन नेताओं ने बूथ अध्यक्षों से सीधा संवाद कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया और सपा-बसपा के मजबूत आधार वाले बूथों को फतह करने की रणनीति बनाई. 

बीजेपी का बूथ मैनेजमेंट प्लान
उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव का ऐलान न हुआ हो, लेकिन बीजेपी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी ने बुधवार को  प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्र के 1.80 लाख से अधिक बूथ अध्यक्षों के साथ संवाद किया गया.  इस दौरान बूथों का सत्यापन किया गया और कार्यकर्ताओं को माइक्रो मैनेजमेंट, मतदाता संपर्क और बूथ प्रबंधन की रणनीति समझाई गई. 

Advertisement

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सीतापुर, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बरेली, डिप्टीसीएम ब्रजेश पाठक ने शाहजहांपुर और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने वाराणसी में बूथ अध्यक्ष सम्मेलनों को संबोधित किया. नेताओं ने संगठनात्मक कार्ययोजना और चुनावी रणनीति साझा की.

पार्टी के इस संगठनात्मक कवायद को चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बूथ अध्यक्षों को पूरा चुनावी खाका समझाया गया. 'अपनों' के साथ 'दूसरों' तक पहुंचने का मंत्र भी दिया गया। पार्टी ने तय कर दिया कि अब चुनाव तक सारी गतिविधियां बूथ केंद्रित ही रहेंगी।

सपा-बसपा को मात देने का प्लान
बीजेपी ने इन सम्मेलनों के जरिए बूथ स्तर पर सारे वोटरों की मैपिंग करने का लक्ष्य दिया गया. भाजपा की नजर हर बूथ के जातिगत रूप से मजबूत चेहरों पर भी है. फिर चाहे वो किसी भी दल के हों. खासकर सपा-बसपा के मजबूत क्षत्रपों पर नजरें हैं। पदाधिकारियों को ऐसे जातिगत चेहरों की सूची बनाने का भी टॉस्क दिया गया है. 

भाजपा ने यूपी में बूथ अध्यक्षों को 'बूथ जीता–चुनाव जीता' और 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' के संकल्प के साथ बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने का संदेश दिया. पार्टी का दावा है कि 2027 विधानसभा चुनाव में जीत की नींव बूथ स्तर की मजबूती से ही तय होगी. इस तरह बीजेपी संगठन ने  'बूथ जीता-चुनाव जीता' की रणनीति पर काम तेज कर दिया है. पार्टी ने एक दिन में सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलनों का नया प्रयोग किया.
 
भाजपा की कवायद का फोकस सपा-बसपा सहित अन्य दलों के मजबूत चेहरे भी हैं. पार्टी इन्हें चिन्हित कर अपना सामाजिक ताना-बाना और मजबूत करना चाहती है. बूथ अध्यक्षों के लिए तय किए गए कार्यों में एक बिंदु बूथ पर जातिगत नेताओं का भी है. इनकी सूची बनाते समय जाति का नाम, नेता का नाम और दल भी बताना है.

Advertisement

गांव के जाति गणित साधने का दांव
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने उन बूथों पर खास तव्वजे कर रही है, जहां पर सपा और बसपा जैसे विपक्षी दल मजबूत हैं और उनका सियासी आधार है. बीजेपी ने ऐसे बूथों को जीतने के लिए जातिगत समीकरण भी बना रही है. उस बूथ पर भाजपा के जातीय चेहरों का भी उल्लेख करना है, जिसकी गांव में संख्या ज्यादा है. 

बीजेपी ने गांव के मुखिया और विभिन्न संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की भी सूची बनाने को कहा गया है. बूथ पर प्राथमिक सदस्य, सक्रिय सदस्य, बूथ समिति, पन्ना प्रमुख, पन्ना में मतदाता, बूथ पर विचार परिवार (आरएसएस) के कार्यकर्ता, वरिष्ठ और पूर्व कार्यकर्ता, मोर्चा, प्रकोष्ठों और प्रकल्पों के कार्यकर्ताओं के साथ ही दूसरे दलों से पार्टी में आने वालों की भी अलग-अलग सूची बनेंगी. ऐसे में बूथ पर भाजपा समर्थित लोग, दलित मतदाता सहित अन्य भी सूचीबद्ध किए जाएंगे. 
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement