Radhey Shyam Jaiswal
SP
Khurshid Ansari
BSP
Saket Mishra
IND
Shamina Shafiq
INC
Nota
NOTA
Rupendra Kumar
IND
Azaan
IND
Rakesh
IND
Anand Jaiswal
AAAP
Pankaj Mishra
IND
Dr. Babu Ram Gautam
AIPF
Dinesh Kumar Jaiswal
IND
Ramshankar
SDU
Satyendra Kumar
BSRD
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सियासी तलवार खिंच चुकी है. कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद इन दिनों सपा को मुस्लिम विरोधी कठघरे में खड़े करने में जुटे हैं. ऐसे में इमरान मसूद सपा को असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर की तरह नजर आने लगे हैं.
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में बीजेपी पूरे दमखम के साथ जुट गई है. एसआईआर प्रक्रिया के आंकड़े सामने आने के बाद अब उसी लिहाज से अपनी बूथ कमेटी के गठन का प्लान बनाया है, जिसके लिए पार्टी अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही है.
क्या कांग्रेस और सपा में सबकुछ ठीक नहीं है, आखिर क्यों कांग्रेस नेता इमरान मसूद बार-बार समाजवादी पार्टी को टारगेट कर रहे हैं? कांग्रेस पार्टी उन्हें बोलने से क्यों नहीं रोक रही, क्या कांग्रेस के इशारे पर इमरान मसूद ने यह मोर्चा खोला है, या फिर इसकी वजह उनकी निजी अदावत है?
यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच तल्खी दिखने लगी है. वैसे तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अभी सिर्फ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हमलावर हैं, लेकिन पूरा कांग्रेस खेमा गठबंधन पर खुलकर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दे रहा. सवाल है कि क्या सिर्फ सीट बंटवारे में ज्यादा हिस्सा पाने के लिए कांग्रेस दबाव की रणनीति अपना रही है या वाकई, दोनों दलों में खाई बन रही है? देखें हल्ला बोल.
मेरठ की ललिता गौतम हत्याकांड पर सियासत तेज है. आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद मेरठ की सड़क पर उतरकर संघर्ष ही कर रहे थे तो दूसरी तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को दिल्ली बुलाकर मुलाकात कर बड़ा सियासी गेम कर दिया.
यूपी चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस में तल्खी बढ़ गई है. सपा ने इमरान मसूद के बयानों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं. बीजेपी ने इस पर चुटकी ली है.
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को उनके ही मजबूत गढ़ आजमगढ़ में विपक्ष ने घेराबंदी में जुट गए हैं. बसपा प्रमुख मायावती सीधे सपा पर अटैक करने का दांव चल रही हैं तो ओम प्रकाश राजभर बीजेपी की नैया पर सवार होकर अपने सियासी आधार के जरिए मात देना चाहते हैं.
उत्तर प्रदेश के सियासी तपिश के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच राम मंदिर में चंदा चोरी, गोरक्षा और सनातन धर्म के मुद्दे पर बातचीत हुई, जिसे लेकर अखिलेश यादव अब बीजेपी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सियासी तानाबाना बुना जाने लगा है. सपा ने अपने पीडीए सियासी समीकरण में ब्राह्मणों को जोड़ने की कवायद शुरू की है, जिसके लिए अखिलेश यादव ने अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय और बलिया के सांसद सनातन पांडेय को फ्रंटफुट पर उतार रखा है.
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण लागू करने और परिसीमन बिल के जरिए उच्च सदन में सीटें बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने यह बात महिल संगठनों से मुलाकात के बाद कही है. ऐसे में सवाल उठता है कि तीन महीने के बाद अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर क्यों यू-टर्न लिया?