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भारतीय हॉकी टीम के कैप्टन से पंजाब कांग्रेस के 'कमांडर' तक... जानें कौन हैं परगट सिंह

परगट सिंह को कांग्रेस ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है. परगट सिंह तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह 1992 और 1996 के ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं. 2012 में अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट से चुनाव जीतकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा. बाद में कांग्रेस में शामिल होकर इसी सीट से विधायक चुने गए.

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परगट सिंह का हॉकी करियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी लंबा रहा. (Photo- Social Media/Pargat Singh)
परगट सिंह का हॉकी करियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी लंबा रहा. (Photo- Social Media/Pargat Singh)

परगट सिंह का नाम पंजाब में सिर्फ राजनीति से नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी से भी जुड़ा है. राजनीति में आने से पहले वह भारतीय हॉकी टीम के अहम खिलाड़ी और कप्तान रहे हैं. तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले परगट सिंह ने खेल के मैदान के बाद सियासत में कदम रखा और जालंधर कैंट से अपनी राजनीतिक पारी शुरू की. अब कांग्रेस ने उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी है.

दरअसल, परगट सिंह का हॉकी करियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी लंबा रहा. उन्होंने लगातार तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया. 1988 के सियोल ओलंपिक में वह भारतीय टीम का हिस्सा थे. इसके बाद 1992 के बार्सिलोना और 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारतीय टीम की के कप्तान रहे. इसी ओलंपिक में उन्हें उद्घाटन समारोह में भारत का ध्वजवाहक बनने का मौका मिला था.

हॉकी में उनकी पहचान फुल-बैक यानी डिफेंडर के तौर पर रही. भारतीय हॉकी में उनका नाम एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर जाना जाता है, जिसने लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और कप्तानी भी की. उन्होंने बाद में राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई. खेल में योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. 

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अकाली दल से शुरू हुई सियासी पारी

हॉकी से संन्यास के बाद परगट सिंह ने राजनीति में कदम रखा. 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. हालांकि अकाली दल के साथ उनका राजनीतिक सफर लंबा नहीं चला. 2016 में पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया. इसके बाद परगट सिंह कुछ समय के लिए आवाज-ए-पंजाब से जुड़े. इस राजनीतिक मंच से नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई अन्य नेता भी जुड़े थे.

कांग्रेस में आए और मजबूत पकड़ बनाई

इसके बाद परगट सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए. 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जालंधर कैंट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 2022 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की. जालंधर कैंट उनकी राजनीति का प्रमुख आधार बना रहा. 2012 से वह लगातार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. विधायक रहते हुए वह पंजाब से जुड़े राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे.

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चन्नी सरकार में मंत्री भी रहे

सितंबर 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में बनी पंजाब सरकार में परगट सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया. उन्हें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा मामले और एनआरआई मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली. मार्च 2022 तक वह पंजाब सरकार में मंत्री रहे. मंत्री पद पर रहते हुए शिक्षा और खेल से जुड़े मुद्दों के अलावा पंजाब से संबंधित कई विषयों पर उन्होंने अपनी बात रखी.

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अब कांग्रेस ने उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाकर राज्य संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है. यह जिम्मेदारी उन्हें ऐसे समय मिली है जब पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है.

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