वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के मामले में अब पण्डोखर धाम से बड़ा बयान सामने आया है. पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने कहा है कि अगर आश्रम प्रबंधन, पुलिस, जांच एजेंसी या मृतक के परिजन उनके दरबार आएं तो पण्डोखर सरकार का दिव्य दरबार घटना का रहस्य उजागर करने में सहयोग कर सकता है. गौरतलब है कि 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी.
इस मामले में गुरु शरण महाराज का कहना है कि उनका उद्देश्य पुलिस को जिम्मेदार तत्वों तक पहुंचने में मदद करना है. ताकि मृतक के परिजनों को न्याय मिले और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो. उन्होंने नाम लिए बिना बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी तंज कसा. बाबा बागेश्वर का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि भारत में कोई भी पर्चा लिखने वाला अब तक ये नहीं बोल पाया कि मैं सब बताने के लिए तैयार हूं.
प्रेमानंद महाराज से मौन तोड़ने का आग्रह
उन्होंने सिद्धियों का दावा करने वाले अन्य लोगों को भी इस घटना की सच्चाई सामने लाने की चुनौती दी है. गुरु शरण महाराज ने विख्यात संत प्रेमानंद महाराज से भी आग्रह किया है कि वह अपने शिष्य की मौत से पर्दा हटाने के लिए मौन तोड़ें. वृंदावन जहां हर गली में राधा नाम गूंजता है. लेकिन आज इसी धाम के एक आश्रम की चौथी मंजिल से बड़ा ऐसा सवाल उठा है, जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है.
धाम के पीठधीश्वर गुरुशरण महाराज ने कहा कि जो लोग इस घटना से संबंधित जानकारी पाना चाहते हैं, मैं उनका सहयोग करने के लिए तैयार हूं. मैं 99 प्रतिशत तक आपको संकेत दे सकता हूं. लेकिन मैं कोई थाना, कोर्ट-कचहरी या एजेंसी नहीं हूं, जो किसी को सजा दे. लेकिन मैं वहां तक आपको पहुंचा दूंगा जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि मेरा मकसद सिर्फ एक है कि सच सामने आए. परिवार को न्याय मिले, और कोई निर्दोष न फंसे. उन्होंने सिद्धियों और भविष्यवाणी का दावा करने वालों को भी चुनौती देते हुए कहा कि अगर आपमें शक्ति है तो इस घटना की सच्चाई बताकर खुद को साबित कीजिए.