बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संत गुरु रविदास महाराज के तुगलकाबाद स्थित गुरुघर को ढहाए जाने को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने पंजाब में चुनाव से पहले रविदास के नाम पर कलश यात्रा निकाले जाने बीजेपी को खरी-खोटी सुनाई.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बसपा सुप्रीमो ने बताया कि आज से 7 साल पहले 10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुगलकाबाद में संत गुरु रविदास के गुरुघर को बुलडोजर और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गिरा दिया गया था.
उन्होंने आगे बताया कि उस समय जब देश भर की संगत इसके विरोध में सड़कों पर उतरी, तो उन्हें लाठीचार्ज, आंसू गैस, गिरफ्तारियों और मुकदमों का सामना करना पड़ा तथा कई लोगों को जेल जाना पड़ा.
'अस्थायी टीन शेड में माथा टेकने को मजबूर हैं श्रद्धालु'
बसपा सुप्रीमो ने पोस्ट में कहा, इतना ही नहीं गुरुघर की भूमि भी छीन ली गई और आज भी संगत को लोहे के अस्थायी टीन शेड में अपने गुरुजी को माथा टेकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. ये स्थिति करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाली है और आज भी समाज की स्मृति में अंकित है.
पंजाब चुनाव से पहले कलश यात्रा पर उठाए सवाल
मायावती ने कहा कि अब पंजाब चुनाव नजदीक आते ही बीजेपी संत गुरु रविदास जी के नाम पर कलश यात्रा निकाल रही है. ये यात्रा श्रद्धालुओं को गुरुजी के 'बेगमपुरा शहर' के विचार और लक्ष्य से भटकाने की कोशिश है.
उन्होंने पंजाब के धलेता गांव की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां गुरुघर की दीवार गिराए जाने पर जब संगत और बसपा ने आवाज उठाई, तो गिरफ्तारियां की गईं. हालांकि, बाद में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को झुकना पड़ा और गुरुघर को दोबारा बनवाना पड़ा.
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'संतगुरु श्री रविदास जी सम्मान यात्रा' में शामिल होने का आह्वान
मायावती ने बहुजन समाज से बीजेपी और आप दोनों की राजनीति से सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने 'संतगुरु श्री रविदास जी सम्मान यात्रा' का समर्थन करते हुए कहा कि ये यात्रा तुगलकाबाद से धलेता गांव तक पहुंच रही है. इसमें समूह संगत को आमंत्रित किया गया है ताकि गुरुजी के समानता, सम्मान, न्याय और पराधीनता-मुक्त समाज के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाया जा सके.