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पृथ्वीराज सुकुमारन ने खोली बॉलीवुड की कास्टिंग की पोल, बोले- बहुत कॉर्पोरेट तरीका है

थ्वीराज सुकुमारन ने बॉलीवुड और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके का फर्क बताया. उन्होंने कास्टिंग प्रक्रिया से लेकर 100 करोड़ रुपये के बड़े बजट तक, मलयालम सिनेमा में आए बदलाव पर बात की.

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पृथ्वीराज से बताया मलयालम और बॉलीवुड सिनेमा के बीज का फर्क
पृथ्वीराज से बताया मलयालम और बॉलीवुड सिनेमा के बीज का फर्क

मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन ने बॉलीवुड और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मलयालम सिनेमा की सबसे बड़ी खासियत उसका अनौपचारिक और सीधा काम करने का तरीका है. हालांकि, अब मलयालम इंडस्ट्री बड़े बजट वाली फिल्में भी बना रही है.

100 करोड़ रुपये की फिल्में बना रही है मलयालम इंडस्ट्री

एक इंटरव्यू के दौरान जब पृथ्वीराज सुकुमारन से पूछा गया कि बॉलीवुड को मलयालम इंडस्ट्री से क्या सीखना चाहिए, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि एक इंडस्ट्री के तौर पर हमारा अनौपचारिक होना ही हमारी खासियत है. बॉलीवुड के मुकाबले हमारा बैग काफी हल्का है."

पृथ्वीराज ने यह भी साफ किया कि मलयालम फिल्म इंडस्ट्री अब सिर्फ छोटे बजट और कम समय में बनने वाली फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े बजट वाली फिल्में भी बना रही है. उन्होंने कहा, "यह मानना गलत है कि मलयालम फिल्में अब भी 15 दिनों में पांच करोड़ रुपये के बजट में बन जाती हैं. आज के समय में हम बड़ी फिल्में बना रहे हैं, जिनकी शूटिंग 150 दिनों तक चलती है और बजट करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है."

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पहले एजेंसी से करना पड़ता है संपर्क

हालांकि, पृथ्वीराज ने कहा कि फिल्मों का बजट और स्केल बढ़ने के बावजूद काम करने का तरीका पहले की तरह ही अनौपचारिक है. उन्होंने बॉलीवुड और मलयालम सिनेमा की कास्टिंग प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए दोनों के बीच का अंतर समझाया.

पृथ्वीराज ने कहा कि अगर वह एक निर्देशक के तौर पर करीना कपूर के साथ फिल्म बनाना चाहें, तो मलयालम इंडस्ट्री में वह सीधे अभिनेत्री को फोन करके बता सकते हैं कि वह उनके साथ फिल्म बनाना चाहते हैं और उन्हें स्क्रिप्ट सुनाना चाहते हैं.

पृथ्वीराज ने बताया, "मैंने जो सीखा, वह यह है कि हमें पहले एजेंसी से संपर्क करना पड़ता है. एजेंसी फिर कलाकार के मैनेजर से बात करती है और मैनेजर निर्देशक से मिलने के लिए कलाकार को तैयार करता है. अगर निर्देशक मेघना गुलजार जैसी हों, तो शायद कलाकार को ज्यादा समझाने की जरूरत नहीं पड़ती. अगर निर्देशक और एक्टर साथ काम करने के लिए तैयार हैं, तो प्रोडक्शन हाउस और एजेंसी के बीच फीस को लेकर बातचीत शुरू होती है."

पूरी प्रक्रिया को लेकर पृथ्वीराज का नजरिया थोड़ा अलग है. उन्होंने कहा, "यह बहुत कॉर्पोरेट है. मुझे लगता है कि यह तरीका काम करता है, लेकिन मेरे मुताबिक इन चीजों को करने का एक आसान तरीका भी हो सकता है."

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'दायरा' में पहली बार साथ नजर आएंगे करीना और पृथ्वीराज

फिल्म 'दायरा' में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन पहली बार साथ नजर आएंगे. फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है. यह फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

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