उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक दिन पहले ही कैबिनेट मीटिंग हुई थी. योगी कैबिनेट में लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना शुरू करने के फैसले पर मोहर लगी थी. यूपी सरकार ने अब इस योजना को लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईजीपी में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत कर दी है.
सीएम योगी ने इस योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि आज हर योजना का केंद्र बेटी है. उन्होंने पिछली सरकारा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बेटी बस पकड़ने से भी डरती थी. सीएम योगी ने इस मौके पर रक्षाबंधन के लिए पूरे प्रदेश में हर आयु वर्ग की महिलाओं के लिए तीन दिन फ्री बस यात्रा का भी ऐलान किया.
सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि हम लोगो ने यह योजना लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर रखा. लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर महिला स्वावलंबन मे बहुत बड़ा नाम हैं. उन्होंने कहा कि जब ये देश मुगल आक्रांताओ की अराजकता की चपेट में था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई ने सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त किया.
सीएम योगी ने कहा कि अहिल्याबाई ने भारत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ ही महिला स्वावलंबन का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया था. उन्होंने कहा कि देश में सैकड़ों मंदिर ऐसे हैं, जिन्हें विदेशी आक्रांताओं ने तोड़कर क्षतिग्रस्त किया तब लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने पुनरुद्धार कराने का काम किया.
सीएम योगी ने कहा कि जब भी महिला स्वावलंबन की बात होती है, हम सभी श्रद्धा के साथ लोकमाता अहिल्याबाई को याद करते हैं. सीएम योगी ने आईजीपी से स्पेशल बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया. गौरतलब है कि लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत यूपी में 60 साल या इससे अधिक उम्र की सभी महिलाओं को फ्री बस यात्रा की सुविधा मिलेगी.
इसके लिए महिलाओं को आधार या वोटर कार्ड दिखाना होगा. इस योजना पर हर महीने 22.5 करोड़ रुपये खर्च होने के अनुमान जताए गए हैं. यूपी सरकार ने यह योजना ऐसे समय शुरू की है, जब रक्षाबंधन करीब है और कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं.
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रक्षाबंधन के मौके पर यूपी रोडवेज की बसों में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा की सुविधा रहती है. इसका लाभ हर उम्र वर्ग की महिलाओं को मिलता है. अब रक्षाबंधन के मौके पर 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को पूरे वर्ष यूपी रोडवेज की बसों में फ्री यात्रा की सौगात मिलने जा रही है.
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अनुमान के मुताबिक हर दिन 88 हजार से अधिक महिलाएं रोडवेज बसों में यात्रा करती हैं, जिनकी उम्र 60 वर्ष या इससे ज्यादा है. मातृशक्ति को सम्मान देने के लिए यूपी सरकार की इस नई पहल से इन बुजुर्ग महिला यात्रियों को फ्री बस यात्रा की सुविधा का लाभ मिल सकता है.
परिवहन विभाग ने रक्षाबंधन के मौके पर स्पेशल बसें चलाने का भी ऐलान किया है. इसके लिए स्पेशल बसों का इंतजाम भी विभाग की ओर से किया गया है.
कौन हैं अहिल्याबाई होल्कर
अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 1725 में महाराष्ट्र के चोंडी गांव में हुआ था. कम उम्र में उनका विवाह खंडेराव होल्कर से हुआ, जो मालवा के प्रभावशाली होल्कर परिवार के उत्तराधिकारी थे, लेकिन उनका जीवन लगातार त्रासदियों से भरा रहा. 1754 में खंडेराव की युद्ध में मृत्यु हो गई. 1766 में उनके श्वसुर और मार्गदर्शक मल्हारराव होल्कर का भी निधन हो गया. इसके बाद उनके पुत्र मालेराव की भी असमय मृत्यु हो गई.
यह वह दौर था जब एक विधवा महिला को आसानी से परदे के पीछे धकेला जा सकता था. दरबार में उनके अधिकार को चुनौती दी गई. मंत्री गंगाधर यशवंत चंद्रचूड़ ने दत्तक उत्तराधिकारी लेने का सुझाव दिया, जबकि रघोबा दादा का समर्थन भी उनके विरोधियों को मिल रहा था. लेकिन अहिल्याबाई ने सत्ता की डोर किसी और के हाथ में देने से इनकार कर दिया. उन्होंने राजनीतिक दबाव और दरबारी साजिशों का सामना किया.
अहिल्याबाई ने पेशवा माधवराव से अपने उत्तराधिकार की मान्यता प्राप्त की और प्रशासन की बागडोर खुद संभाली. उन्होंने तुकोजी होल्कर को सेना की जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन मालवा के नागरिक प्रशासन और जनकल्याण की कमान अपने हाथों में ही रखी. 1767 से 1795 तक उनका शासन केवल एक महिला शासक का शासन नहीं था, बल्कि न्याय, साहस और जनसेवा की ऐसी मिसाल भी बना जिसकी चर्चा आज भी भारत के सार्वजनिक जीवन में होती है.