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स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कांग्रेस खड़ी, अब क्या करेंगे अखिलेश यादव?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात के बाद उठे सवालों पर कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पलटवार करते हुए इसे अपना अधिकार बताया है. वहीं, पार्टी अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने साफ किया है कि 'इंडिया' गठबंधन में किसे शामिल करना है, इसका फैसला राज्यों के नेता नहीं बल्कि केंद्रीय नेतृत्व करेगा.

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राजेंद्र पाल गौतम और स्वामी प्रसाद मौर्य की केमिस्ट्री (Photo-X)
राजेंद्र पाल गौतम और स्वामी प्रसाद मौर्य की केमिस्ट्री (Photo-X)

उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर सियासी पारा पहले ही गर्म है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को गठबंधन में लेने से साफ इनकार कर दिया है, लेकिन कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी नजर आ रही है. यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम की स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मुलाकात को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है.

स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात के बाद उठे सवालों पर यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने तीखा जवाब दिया है. वहीं, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने 'इंडिया' गठबंधन में शामिल होने या न होने के फैसलों को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है.

बता दें कि दिल्ली में रविवार को 'इंडिया' गठबंधन की रामलीला मैदान में रैली हुई थी. इस रैली में स्वामी प्रसाद मौर्य भी अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए थे और उसके बाद शाम को राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात की थी. यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही थी, क्योंकि तीन दिन पहले ही अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद को गठबंधन में नहीं लेने की बात कही थी. इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को खिलाफ बयान दिया था. 

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स्वामी से मुलाकात पर राजेंद्र पाल गौतम ने क्या कहा?

यूपी में ओबीसी समाज के दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ अपनी मुलाकात को लेकर सफाई देते हुए कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि राजनीति से अलग व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के भी अपने मायने होते हैं. उन्होंने बेबाक अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मैं अपने दोस्तों से मिलना बंद कर दूं? क्या मैं अपनी सामाजिक जिंदगी छोड़ दूं?

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, "अखिलेश यादव या अन्य नेता किससे मिलते हैं, यह उनका अधिकार है, वैसे ही यह मेरा अधिकार है कि मैं किससे मिलूं या किससे न मिलूं." उनके इस बयान को मुलाकातों पर लग रहे राजनीतिक कयासों के बीच एक स्पष्ट जवाब के रूप में देखा जा रहा है.

स्वामी प्रसाद को गठबंधन में लेने पर कांग्रेस का जवाब

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर दिए जा रहे बयानों और गठबंधन की स्थिति पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने स्पष्ट रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन सिर्फ किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका निर्माण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विभिन्न पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया गया था.

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आराधना मिश्रा ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस गठबंधन में कौन शामिल होगा और कौन नहीं, इसका अधिकार और अंतिम फैसला भी राष्ट्रीय स्तर का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा. उनके इस बयान को स्थानीय स्तर के राजनीतिक समीकरणों और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय के नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है.

उत्तर प्रदेश के आगामी सियासी रण से पहले इन बयानों ने विपक्षी दलों के भीतर चल रहे वैचारिक तालमेल और मुलाकातों के दौर को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.

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