राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) एक पूर्व मंत्री हैं. उन्होंने 2024 के सितंबर महीने के पहले हफ्ते में आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए. पार्टी ने 26 जून 2026 को राष्ट्रीय महासिचव अविनाश पांडेय को हटाकर राजेंद्र पाल गौतम को जिम्मेदारी सौंपी. वर्तामान में वह कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.
राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली में आम आदमी पार्टी के बड़े दलित चेहरों में से एक थे. राजेंद्र पाल गौतम 2020 के विधानसभा चुनाव में सीमापुरी सीट से विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे.
राजेंद्र पाल गौतम का जन्म 26 अप्रैल 1968 को दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के घोंडा इलाके में हुआ था (Rajendra Pal Gautam Date of Birth). उनके पिता दलिप सिंह थे (Rajendra Pal Gautam Father). उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की है. पढ़ाई के साथ-साथ गरीब परिवारों के लगभग 450 बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने और युवाओं में नशा कम करने का काम भी किया. वह एक बौद्ध कार्यकर्ता भी हैं (Rajendra Pal Gautam Education).
गौतम ने सुशीला से शादी की (Wife) और इनके दो बेटे हैं (Son).
1987 में पूरे देश में दलितों और पिछड़ों के हक के लिए लड़ते हुए बाबा साहब अंबेडकर द्वारा स्थापित समता सैनिक दल (Samata Sainik Dal) में शामिल हो गए. 2001 में, समता सैनिक दल को दिल्ली सरकार द्वारा डॉ अम्बेडकर रत्न पुरस्कार दिया गया था. समाज में गहरी पकड़ और जुझारू प्रवृत्ति को देखते हुए 2002 में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई, और आठ साल तक पद पर बने रहें. गौतम को सामाजिक कार्यों की वजह से उन्हें राष्ट्रपति ने 2017 में समता सैनिक दल डॉ अम्बेडकर रत्न पुरस्कार (Dr. Ambedkar Ratna Award) से सम्मानित किया था. इतना ही नहीं 26-अलीपुर सड़क को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने में समता सैनिक दल का विशेष योगदान था. 2014 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) की विचारधारा से प्रभावित होकर आम आदमी पार्टी पार्टी में सक्रिय हो गए और 2015 में लिंबारी विधानसभा से विधायक चुने गए. वर्तमान में दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं (Rajendra Pal Gautam Political Career).
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद जारी हैं. इस बीच कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पार्टी को कम से कम 200 सीटें मिलनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस के देश के विकास में योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन में बराबर का सम्मान और हिस्सा मिलना जरूरी है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पार्टी कम से कम 200 सीटों की हकदार है. उन्होंने गठबंधन में बराबर सम्मान और हिस्सेदारी की बात कही. साथ ही बताया कि सीट बंटवारे का मसला अक्टूबर तक सुलझ जाना चाहिए, ताकि उम्मीदवारों को तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके.
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. हाल ही में उप कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सीटों के बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारी बातचीत 200 सीटों को लेकर चल रही है. राजेंद्र पाल गौतम ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर 150 सीटों की बात किसने शुरू की. यह बयान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस को 50 सीटें भी मिल जाएं तो यह बहुत बड़ी बात होगी.
यूपी में 2027 चुनाव से पहले पल्लवी पटेल के पति पंकज निरंजन की कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके पंकज निरंजन की इस बैठक से उनकी 'घर वापसी' या नए सियासी गठबंधन के कयास तेज हो गए हैं.
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है. प्रियंका गांधी के साथ जिन छह नेताओं के सह-प्रभारी बनाया गया था, अब उन्हें हटाकर नए चेहरों की नियुक्ति की गई है. कांग्रेस ने इस बार राहुल गांधी की पसंद वाले नेताओं को यूपी की कमान सौंपी है.
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर लखनऊ में बुधवार को पंचायत आजतक का मंच सजा. इस खास कार्यक्रम में 'कांग्रेस के हाथ में क्या है' सेशन में राजेंद्र गौतम- अजय राय ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने चुनाव को लेकर तमाम सवालों के जवाब दिए. देखें पूरा Video.
उत्तर प्रदेश की सियासत में लंबे समय तक दलित समुदाय कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा है, लेकिन कांशीराम के द्वारा बसपा के गठन किए जाने के बाद से दलित दूर हुआ और कांग्रेस सियासी हाशिए पर पहुंच गई. कांग्रेस दलित वोटों को जोड़ने के लिए कई प्रयोग कर चुकी है और अब राजेंद्र पाल गौतम को प्रभारी बनाया है.
यूपी में कांग्रेस ओबीसी के साथ साथ दलित वोटों पर भी फोकस करने जा रही है, राजेंद्र पाल गौतम को राज्य का प्रभारी बनाया जाना इसी बात का उदाहरण है. करीब डेढ़ महीने पहले लखनऊ में मुलाकात के लिए पहुंचे राजेंद्र पाल गौतम को मायावती ने दरवाजे से ही लौटा दिया था.
दिल्ली की सीमापुरी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उनका सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें राजेंद्र पाल गौतम कह रहे कि आप ऐसी चीजों में भरोसा मत करो जो चीजें आपको नुकसान पहुंचाती हों
दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री राजेंद्र गौतम ने दिल्ली विधानसभा में मानस की एक चौपाई को कहते हुए ग्रंथ पर विवादित टिप्पणी की है. महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कहा कि 'ऐसे ग्रंथ की पूजा नहीं करना, जो ढोल गंवार शूद्र पशु और नारी को एक श्रेणी में रखकर मारने पीटने की बात करता है. आम आदमी पार्टी के नेता ने ग्रंथ का बहिष्कार किए जाने की मांग की.
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम और आदिल खान को राउज एवन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र गौतम और आदिल खान को बरी कर दिया है.
एमसीडी चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने अपनी स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी की तरफ से इस लिस्ट में राजेंद्र पाल गौतम को भी जगह दी गई है. बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है और पार्टी पर जमकर निशाना साधा है.
दिल्ली में AAP नेता राजेंद्र पाल गौतम केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं. उन पर हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. बाद में दिल्ली पुलिस ने पूछताछ भी की थी. राजेंद्र पाल गौतम ने विवादित बयान पर सफाई दी थी. उन्होंने कहा था- मैं हर कुर्बानी के लिए तैयार हूं.
आप विधायक राजेंद्र पाल गौतम पिछले दिनों बौद्ध महासभा के आयोजन में शामिल हुए थे, यहां उन्होंने हिंदुओं के देवी-देवताओं को नहीं मानने की शपथ भी ली थी. इसे लेकर काफी विवाद हुआ था. विवाद बढ़ने के बाद राजेंद्र पाल ने मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा था कि वे भाजपा ने जिस तरह कोशिश की, लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई, उससे आहत होकर मैंने इस्तीफा दिया.
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गौतम को अब दिल्ली पुलिस ने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ शपथ मामले में पूछताछ के लिए नोटिस थमा दी है. दिल्ली पुलिस की टीम नोटिस लेकर मंगलवार की सुबह राजेंद्र पाल गौतम के घर पहुंची.
दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र बकायदा ट्वीट भी किया है. उधर, उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी एक बार फिर केजरीवाल पर हमलावर हो गई है.
हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने की शपथ लेने और दिलाने वाले दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम पर बीजेपी लगातार हमलावर है. बीती रात हिंदू संगठनों ने उनके आवास के बाहर भगवा झंडा लगाकर नारेबाजी की. दिल्ली पुलिस ने बताया कि इनमें भारताय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ता भी शामिल थे.
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के नागपुर में आयोजित बौद्ध महासभा के आयोजन में शामिल होने पर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं. बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, मनोज तिवारी के साथ ही विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.