यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है. गोंडा के भाजपा नेता भवानी भीख शुक्ला अपने पांच बेटों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. उनके साथ अलग-अलग जिलों के कई अन्य नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की. पार्टी कार्यालय में ज्वाइनिंग के दौरान ‘जय भवानी’ के नारे भी लगे.
गोंडा के भवानी भीख शुक्ला पांच बेटों के साथ सपा में शामिल
गोंडा के भवानी भीख शुक्ला अपने पांच बेटों भगवान शुक्ला, कृष्ण भगवान शुक्ला, शिव, कृष्ण और शंकर भगवान शुक्ला के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए. बताया जा रहा है भवानी शुक्ला भाजपा नेता बृजभूषण सिंह के करीबी है. ऐसे में उनके सपा में शामिल होने को स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा सकता है.
खुर्जा से लेकर बुलंदशहर तक के नेताओं ने भी थामा सपा का दामन
सपा में शामिल होने वाले नेताओं में खुर्जा से नरेश प्रताप जाटव और रोहित यादव के नाम भी शामिल हैं. इसके अलावा पूर्व विधायक राजीव चन्ना ने भाजपा से सपा में आने का फैसला किया. बसपा से विजय तिवारी और भाजपा से मनोज सिंह सैनी के भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी गई है. इनके अलावा बाबागंज से केशव पासी, सीतापुर से आशीष प्रताप सिंह, बुलंदशहर से लक्ष्मण सैनी और अंकित गौतम ने भी सपा की सदस्यता ली. सूची में नरेश प्रताप सिंह, योगेंद्र जाटव और बसपा से हापुड़ के सुरेंद्र कुमार सैनी के नाम भी शामिल हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे और रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल
सपा में शामिल होने वालों में अक्षय मौर्य का नाम भी बताया गया है, जिन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री का बेटा बताया गया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त पीपीएस अधिकारी महेंद्र कुमार और अवकाश प्राप्त आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. सपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और पूर्व अधिकारियों का एक साथ सपा में शामिल होना पार्टी के लिए संगठनात्मक विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है.
ज्वाइनिंग के दौरान लगे 'जय भवानी' के नारे
पार्टी कार्यालय में सदस्यता ग्रहण करने के दौरान 'जय भवानी' के नारे लगाए गए. भवानी भीख शुक्ला का अपने पांच बेटों के साथ सपा में आना इस कार्यक्रम का प्रमुख घटनाक्रम रहा. इसके साथ ही दूसरे दलों से आए नेताओं की मौजूदगी ने भी इस ज्वाइनिंग को राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया.
कार्याकर्ताओं को दिया संदेश
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी का संदेश देने के साथ अनुशासन में रहने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि चुनाव में अब समय बहुत कम बचा है और सभी को पूरी गंभीरता से जुटना होगा. अखिलेश ने 2027 के चुनाव को वोट के अधिकार की रक्षा से जोड़ते हुए पार्टी की सरकार बनाने को प्रदेश और जनता के हित में जरूरी बताया. अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे ऐसा कोई व्यवहार न करें, जिससे किसी को शिकायत करने का मौका मिले. उन्होंने चुनाव की तैयारियों में जुटने और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया. सपा प्रमुख के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार बनना जरूरी है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहने की अपील करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी लोग तैयार रहें. पार्टी के सामने 2027 में सरकार बनाने का लक्ष्य है और इसके लिए अभी से मेहनत करनी होगी.
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया
सपा प्रमुख ने भाजपा पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद भी मतदाता सूची में कथित फर्जी वोट का मुद्दा बना हुआ है. अखिलेश ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट कटवाने की कोशिश की गई. उन्होंने सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद और लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र के दशरथ के नाम से कथित तौर पर वोट कटवाने के लिए भरे गए फॉर्म-7 का जिक्र किया. अखिलेश के मुताबिक, पार्टी के लोगों ने ऐसे फॉर्म पकड़े थे. हालांकि, इन आरोपों और फॉर्म से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है.