केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब दौरे पर हैं. इस दौरान वह मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात करने पहुंचे. शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के राज में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग भी सुरक्षित नहीं हैं. इस पर सीएम भगवंत मान ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया.
मान ने इसे 'पंजाब सरकार को बदनाम करने की साजिश' बताया. उन्होंने बीजेपी पर नशे के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया. मान ने दावा किया कि नशा सबसे ज्यादा राजस्थान में है, जबकि हरियाणा गैंगस्टरों की नर्सरी बन गया है. उन्होंने गुजरात के कांडला बंदरगाह पर 3,000 किलो ड्रग्स मिलने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि गैंगस्टरों को संरक्षण कौन दे रहा है.
मान ने अकाली-बीजेपी सरकार के समय पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ने का मुद्दा उठाया. उन्होंने सवाल किया कि तब पंजाब को बचाने की चिंता क्यों नहीं हुई और अमित शाह पहले पीड़ित परिवारों का दुख साझा करने क्यों नहीं आए. इतना ही नहीं, सीएम मान ने शहीद किसानों के घर नहीं जाने को लेकर भी गृह मंत्री पर सवाल उठाए. उन्होंने पाकिस्तान से आने वाले नशे को रोकने के प्रयासों पर सवाल करते हुए कहा कि एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पंजाब की कोई मदद नहीं की.

तीन परिवारों से मिले अमित शाह
अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात की. इनमें गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर जिले के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर झोटा के परिवार शामिल हैं.
शाह ने गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई. विक्रमजीत ने नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई थी. शाह ने कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ रहा है. इसके खिलाफ बोलने वाले लोग सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने पंजाब सहित पूरे देश को नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता (संकल्प) भी जताई.
अमित शाह ने पंजाब के संगरूर जिले के दिड़बा में दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की. गुलजार सिंह ने 7 सितंबर को जहर खाकर जान दे दी थी. उनके परिवार ने नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने के बाद परेशान किए जाने और जातिसूचक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया था.
कैसे हुई परविंदर झोटा की हत्या?
परविंदर झोटा की 13 अक्टूबर को एक फार्मेसी में गोली लगने से मौत हो गई थी. बताया गया कि उन्होंने दुकान के मालिक अश्वनी कुमार से उस व्यक्ति के बारे में सवाल किया था, जिसने वहां से नशा खरीदा था. इसी बात पर दोनों के बीच बहस हो गई. विवाद के दौरान गोली चली, जिसमें झोटा की जान चली गई. घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था. बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
झोटा नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे. उनकी हत्या के मामले में भगवंत मान ने सीबीआई जांच कराने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सरकार झोटा के परिवार के साथ खड़ी है और नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी.
सचिन पायलट ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने तरनतारन में आम आदमी पार्टी के सरपंच अश्वनी देवगन की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का डर कम होता दिख रहा है.
पायलट ने आरोप लगाया कि पंजाब में अवैध हथियारों और नशे का फैलाव बढ़ा है. उन्होंने बीजेपी और आम आदमी पार्टी, दोनों की सरकारों पर सीमा सुरक्षा और राज्य में कानून-व्यवस्था संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि जिन परिवारों से नेता मिलने जा रहे हैं, उन्हें अब भी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. गवाहों की सुरक्षा के इंतजाम भी पर्याप्त नहीं हैं.
पायलट ने कहा कि पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए. इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा.
ऐसे में पंजाब में नशे का मुद्दा अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है. अमित शाह ने मान सरकार को घेरा है, जबकि भगवंत मान ने बीजेपी पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं. ऐसे में नशे के खिलाफ कार्रवाई, हत्याओं की जांच और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा पर सरकार के अगले कदम अहम होंगे.